लंदन से स्टालिन का बड़ा संदेश: संसद में गरजेगी DMK, कावेरी जल विवाद से लेकर परिसीमन तक केंद्र को घेरने की पूरी तैयारी

लंदन से स्टालिन का बड़ा संदेश: संसद में गरजेगी DMK, कावेरी जल विवाद से लेकर परिसीमन तक केंद्र को घेरने की पूरी तैयारी

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने संसद के आगामी मानसून सत्र के लिए अपनी कमर कस ली है। पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में गुरुवार को DMK सांसदों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि मुख्यमंत्री स्टालिन ने लंदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में कई ऐसे बड़े प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जो आने वाले दिनों में देश और राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। संसद के दोनों सदनों में तमिलनाडु के अधिकारों, राज्य की स्वायत्तता और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए DMK सांसद पूरी ताकत से आवाज उठाएंगे।

कावेरी जल संकट और मेकेदातु बांध पर केंद्र से आर-पार की लड़ाई

बैठक में सबसे पहला और प्रमुख प्रस्ताव पड़ोसी राज्य कर्नाटक द्वारा तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी पानी न छोड़ने के खिलाफ पारित किया गया। DMK का आरोप है कि कर्नाटक सरकार के इस अड़ियल रुख के कारण मेट्टूर बांध को समय पर खोलने में देरी हुई, जिसका सीधा नुकसान तमिलनाडु के किसानों को उठाना पड़ रहा है और उनके सामने सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके साथ ही, DMK ने कावेरी नदी पर कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बांध निर्माण के प्रति अपने कड़े विरोध को एक बार फिर दोहराया है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस गंभीर विवाद के स्थायी समाधान के लिए तुरंत एक विशेष न्यायाधिकरण (Tribunal) का गठन किया जाए ताकि तमिलनाडु के कानूनी अधिकारों की रक्षा हो सके।

जनसंख्या आधारित परिसीमन विधेयक का कड़ा विरोध करेगी DMK

संसदीय राजनीति और भविष्य के चुनावी गणित को प्रभावित करने वाले परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को लेकर भी DMK ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, DMK इस विधेयक का इसके वर्तमान स्वरूप में पूरी तरह विरोध करेगी। पार्टी का मानना है कि वर्तमान विधेयक जो जनसंख्या पर आधारित है और महिला आरक्षण से जुड़ा हुआ है, वह उन राज्यों के साथ अन्याय करता है जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम किया है। स्टालिन ने स्पष्ट किया है कि पार्टी केंद्र सरकार के नए विधेयक का इंतजार करेगी और उसमें शामिल सिफारिशों का गहन अध्ययन करने के बाद ही अपनी आगे की रणनीति तय करेगी।

संसद में गूंजेगी राज्य स्वायत्तता और संघवाद की आवाज

सदन के भीतर तमिलनाडु की चिंताओं को प्रमुखता से रखने के लिए सभी सांसदों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में कहा गया कि DMK के सांसद संसद के दोनों सदनों में राज्य के अधिकारों, संघवाद (Federalism) और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरेंगे। बैठक के ठीक बाद एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने लिखा कि DMK का प्रत्येक सांसद संसद में तमिलनाडु की जनता की "आवाज और अंतरात्मा" बनकर काम करेगा और केंद्र द्वारा लाए जाने वाले हर कानून की समीक्षा राज्य की स्वायत्तता के चश्मे से की जाएगी।

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