कोलकाता होटल अग्निकांड: 9 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन का कड़ा एक्शन, 'शिखा इन' का लीज धारक गिरफ्तार और 26 होटलों पर गिरी गाज
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पॉश और व्यस्त इलाके मिर्ज़ा गालिब स्ट्रीट (Mirza Ghalib Street) पर स्थित एक बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे समेत कुल 9 लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां नियमों को ताक पर रखकर कई छोटे-छोटे होटल और गेस्ट हाउस चलाए जा रहे थे। इस घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
'शिखा इन' होटल का लीज धारक अबू जफर गिरफ्तार
इस ভয়াবহ दुर्घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना के केंद्र बिंदु रहे 'होटल शिखा इन' (Hotel Shikha Inn) के लीज धारक अबू जफर (Abu Zafar) को एंटाली मेन मार्केट इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, पुलिस ने पूछताछ के लिए होटल के दो अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है। शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि होटल और बिल्डिंग के प्रबंधन ने फायर सेफ्टी, वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास (Emergency Exit) से जुड़े नियमों का भारी उल्लंघन किया था, जिसके कारण अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल सके और यह बड़ा हादसा हो गया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर 26 से अधिक होटलों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
इस वीभत्स हादसे से सबक लेते हुए राज्य प्रशासन, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम (KMC) ने मिलकर शहर भर में सुरक्षा ऑडिट का अभियान छेड़ दिया है। नियमों की धज्जियां उड़ाकर बिना वैध फायर लाइसेंस और अनुमति के चल रहे होटलों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए प्रशासन ने कुल 26 होटलों और संदिग्ध कमर्शियल प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई आवासीय इमारतों में अवैध रूप से छोटे-छोटे कमरे बनाकर बजट होटल चलाए जा रहे थे, जहां आग बुझाने के उपकरण या स्मोक डिटेक्टर्स तक नहीं लगे थे। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।
विदेशी नागरिकों की मौत से कूटनीतिक स्तर पर भी हड़कंप
इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले 9 लोगों में से कई लोग पड़ोसी देश बांग्लादेश से आए नागरिक बताए जा रहे हैं, जो कोलकाता में चिकित्सा (Medical Treatment) के उद्देश्य से आए हुए थे। इस दुर्घटना के बाद बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों के शवों को स्वदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बहरहाल, इस दर्दनाक हादसे ने देश के महानगरों में चल रहे बजट होटलों और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।