दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची ऐसी भगदड़ कि मच गई चीख-पुकार, 17 ने मौके पर ही तोड़ा दम!

दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची ऐसी भगदड़ कि मच गई चीख-पुकार, 17 ने मौके पर ही तोड़ा दम!

उत्तरी कोलकाता के मशहूर चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार देर शाम भारी भीड़ के बेकाबू होने से भीषण भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कई महिलाओं सहित कम से कम 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। मृतकों में से 17 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को नजदीकी कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है जबकि एक व्यक्ति की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी देर रात स्वयं ग्राउंड जीरो और अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर घायलों के इलाज की जानकारी ली और पीड़ित परिजनों से बातचीत की। स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद के साथ परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, सभी घायलों के संपूर्ण इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और उन्हें 5-5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस दुखद घटना के चलते केंद्रीय गृह मंत्री के आगामी सभी तय कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए हैं।

मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर फोरेंसिक विशेषज्ञों और एसटीएफ की निगरानी में एक विशेष 'तथ्य-जांच समिति' गठित करने का आग्रह करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य के सभी बड़े पूजा पंडालों में क्राउड मैनेजमेंट, एग्जिट रूट्स और स्ट्रक्चरल सेफ्टी की गहन समीक्षा के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय कमेटी बना दी गई है। इस टीम में आपदा प्रबंधन सचिव राजेश सिन्हा, फायर सर्विसेज के डीजी अनुज शर्मा और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) जावेद शमीम शामिल हैं। हादसे पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने भी संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की, जिसे तुरंत केंद्र को भेज दिया गया है।

ग्राउंड पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और विपक्ष पर मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में पूजा के दौरान करंट लगने से 13 लोगों की जान गई थी और उत्तर बंगाल की बाढ़ में 100 से अधिक लोग मारे गए थे, लेकिन तत्कालीन नेतृत्व ने पीड़ित परिवारों की सुध तक नहीं ली थी, जबकि मौजूदा सरकार पहले मिनट से ही प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।