गौर सिटी अंडरपास बनकर तैयार, लेकिन क्या परथला से एक मूर्ति तक जाम से मिलेगी मुक्ति? स्थानीय लोगों का क्या है कहना?
नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से निर्माण के दौर से गुजर रहा गौर सिटी अंडरपास अब आखिरकार बनकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित इस महत्वाकांक्षी अंडरपास परियोजना का मुख्य उद्देश्य परथला फ्लाईओभर से एक मूर्ति गोलचक्कर की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों को सुगम और निर्बाध यातायात अनुभव प्रदान करना है। इस अंडरपास के चालू होने से हर दिन इस मार्ग का उपयोग करने वाले लाखों वाहन चालकों, नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को सिग्नल-फ्री आवाजाही की सुविधा मिलेगी, जिससे न केवल उनके समय की बचत होगी बल्कि ईंधन की भी भारी बचत होगी।
क्या परथला से एक मूर्ति तक के ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट का एक मूर्ति गोलचक्कर और गौर सिटी चौक वर्षों से भीषण जाम के लिए जाने जाते रहे हैं। सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान यहां परथला, सूरजपुर, और क्रासिंग रिपब्लिक की तरफ से आने वाले वाहनों का भारी दबाव बन जाता है, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। प्राधिकरण के इंजीनियरों का दावा है कि इस चार लेन वाले अंडरपास के शुरू हो जाने से क्रॉस ट्रैफिक पूरी तरह से अलग हो जाएगा और मुख्य मार्ग का ट्रैफिक बिना रुके सीधे निकल सकेगा। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से एक मूर्ति चौराहे पर सिग्नल का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे इस पूरे स्ट्रेच पर ट्रैफिक फ्लो काफी हद तक सुचारू होने की उम्मीद है।
ग्राउंड रिपोर्ट: अंडरपास को लेकर क्या कह रहे हैं ग्रेटर नोएडा वेस्ट के स्थानीय लोग?
गौर सिटी अंडरपास के उद्घाटन की खबरों के बीच स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) प्रतिनिधियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। गौर सिटी सोसायटी में रहने वाले आलोक वर्मा का कहना है कि यह अंडरपास हम लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि हर दिन दफ्तर जाते समय एक मूर्ति गोलचक्कर पर 20 से 30 मिनट तक जाम में फंसना पड़ता था। हालांकि, कुछ अन्य निवासियों का तर्क है कि जब तक एक मूर्ति गोलचक्कर के आसपास सर्विस रोड, अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा चालकों के अव्यवस्थित संचालन पर लगाम नहीं लगाई जाएगी, तब तक केवल अंडरपास बनने से पूरी तरह जाम मुक्ति संभव नहीं है। लोगों की मांग है कि अंडरपास चालू करने के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की स्थायी तैनाती भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सुगम यातायात के लिए आगे की चुनौती और प्राधिकरण की भावी रणनीति
गौर सिटी अंडरपास का निर्माण पूरा होना ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा मील का पत्थर है, लेकिन बढ़ती आबादी और वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि अंडरपास के आसपास के फुटपाथों, ड्रेनेज सिस्टम और ग्रीन बेल को भी दुरुस्त कर लिया गया है। इसके अलावा, ट्रैफिक के दबाव को आगे विभाजित करने के लिए कई अन्य कनेक्टिंग सड़कों और चौराहों का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस अंडरपास के औपचारिक उद्घाटन और सार्वजनिक यातायात के लिए खुलने के बाद धरातल पर ट्रैफिक जाम से कितनी वास्तविक मुक्ति मिल पाती है।