राहुल, केजरीवाल समेत BJP के इन लोगों को अवध ओझा ने बताया 'बेहतरीन नेता', कॉकरोच पार्टी तक पर कह दी बड़ी बात

राहुल, केजरीवाल समेत BJP के इन लोगों को अवध ओझा ने बताया 'बेहतरीन नेता', कॉकरोच पार्टी तक पर कह दी बड़ी बात

मशहूर कोचिंग गुरु और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता अवध ओझा अपने बेबाक अंदाज और सटीक विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने देश की वर्तमान राजनीति, राजनेताओं की काबिलियत और आम जनता की सोच पर खुलकर अपनी बात रखी। ओझा ने सोशल मीडिया पर चर्चा में आई नवगठित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर को भी एक खास सलाह दी है।

उनका स्पष्ट मानना है कि देश में अच्छे और काबिल नेताओं की कोई कमी नहीं है, बल्कि असली समस्या हमारी 'बेहोश जनता' है जो बुनियादी मुद्दों को छोड़कर गैर-जरूरी विवादों में उलझी रहती है।

राहुल, केजरीवाल और भाजपा के इन नेताओं को बताया 'बेहतरीन'

पॉडकास्ट में जब अवध ओझा से भारत में अच्छे नेताओं की कमी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की जमकर तारीफ की। ओझा ने कहा कि एक अच्छे नेता के लिए बहुत ज्यादा पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं है, बल्कि उसके पास सही 'समझ' होनी चाहिए। इतिहास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महान सम्राट अकबर भले ही अनपढ़ था, लेकिन उसके नवरत्न बेहद काबिल थे।

ओझा ने कांग्रेस नेता शशि थरूर की तारीफ करते हुए राहुल गांधी और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को बेहतरीन नेता बताया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी पढ़े-लिखे नेताओं की भरमार है। उन्होंने राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और लोकसभा सांसद संबित पात्रा (जो डॉक्टर भी रहे हैं) की मिसाल देते हुए स्पष्ट किया कि इस देश में लीडर्स का कोई अकाल नहीं है।

'बजट नहीं, राखी सावंत की शादी की चर्चा करती है जनता'

अपने चिर-परिचित अंदाज में ओझा ने देश की जनता की प्राथमिकताओं पर गहरा कटाक्ष किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश को अच्छे नेता तब तक नहीं मिलेंगे, जब तक यहां की जनता पाकिस्तान और हिंदू-मुसलमान के मुद्दों पर ताली बजाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सरकार से बजट का हिसाब नहीं मांगते। लोगों की दिलचस्पी इस बात में ज्यादा होती है कि राखी सावंत की शादी में क्या हुआ या किसी चर्चित हत्याकांड में क्या अपडेट है। अवध ओझा के अनुसार, जिस दिन यह जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के मुद्दों पर सवाल पूछना और ताली बजाना शुरू कर देगी, उसी दिन देश की राजनीति खुद-ब-खुद सुधर जाएगी।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर को ओझा की 'मास्टरक्लास'

अपने इंटरव्यू में अवध ओझा ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ हुई फोन कॉल का भी खुलासा किया। ओझा ने दीपके को उनकी पहल के लिए बधाई देते हुए बताया कि CJP का सबसे पहला और बड़ा टारगेट 'जनजागरण' (जनता को जगाना) होना चाहिए।

ओझा ने सलाह दी कि चूंकि कॉकरोच हर घर, हर वार्ड और शहर में पाया जाता है, इसलिए इस पार्टी को महात्मा गांधी के रास्ते पर चलकर घर-घर जाना चाहिए। उन्होंने सीजेपी को नसीहत दी कि वे जनता को समझाएं कि मंदिर-मस्जिद के बजाय उन नेताओं का समर्थन करें जो बुनियादी विकास और रोजगार की बात करते हैं।

'युवाओं के हाथ में हो कमान, लेकिन भारत नेपाल नहीं है'

देश में युवा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की जरूरत वाले सवाल पर ओझा ने क्रिकेट का एक दिलचस्प उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि अगर आज सुनील गावस्कर को टी-20 क्रिकेट खेलने के लिए कहा जाए, तो वे शायद नहीं खेल पाएंगे क्योंकि आज का दौर और खेल का तरीका बिल्कुल अलग है। इसी तरह, आज की राजनीति और नए दौर की जरूरतों को एक युवा नेता ही बेहतर ढंग से समझ सकता है।

हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि भारत की तुलना नेपाल या किसी छोटे देश से नहीं की जा सकती। भारत में बहुत ज्यादा सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता है। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी को भी इस देश की सोती हुई जनता को जगाने में 1920 से लेकर 1942 तक, पूरे 22 साल लग गए थे।

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