ATM में कैश फंसाकर करते थे खेल! ग्राहक के जाते ही उड़ाई नोटों की गड्डी, गुजरात में 3 गिरफ्तार
ATM में कैश फंसाकर करते थे बड़ा खेल, ग्राहक के हटते ही उड़ा लेते थे नोटों की गड्डी; गुजरात पुलिस ने 3 शातिरों को दबोचा!
बैंक और एटीएम से जुड़े वित्तीय अपराधों पर नकेल कसते हुए गुजरात पुलिस ने एक बेहद शातिर और हाई-टेक साइबर-क्राइम गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एटीएम (ATM) मशीनों के साथ तकनीकी छेड़छाड़ कर सीधे-सादे नागरिकों के खून-पसीने की कमाई पर हाथ साफ करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्यों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। ये ठग इतने चालाक थे कि एटीएम मशीन के कैश डिस्पेंसर यानी जहां से नोट बाहर निकलते हैं, वहां एक विशेष धातु की पत्ती या क्लिप लगा देते थे। जब कोई बेखबर ग्राहक पैसे निकालने आता और मशीन से कैश बाहर नहीं आता, तो वह तकनीकी खराबी समझकर वापस लौट जाता था। ग्राहक के हटते ही घात लगाए बैठे ये आरोपी तुरंत एटीएम बूथ में दाखिल होकर फंसा हुआ पूरा कैश निकालकर रफूचक्कर हो जाते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में नगदी, फर्जी आधार कार्ड, मास्टर चाबियां और ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
जानिए कैसे एटीएम मशीन में क्लिप फंसाकर अंजाम देते थे वारदात
गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल द्वारा की गई पूछताछ में इन शातिर अपराधियों की चौंकाने वाली कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है। आरोपी सबसे पहले उन एटीएम बूथों की रेकी करते थे जहाँ सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते थे या जहाँ सीसीटीवी कैमरों की स्थिति ढीली होती थी। इसके बाद गैंग का एक सदस्य एटीएम में जाकर कैश निकलने वाली शटर ट्रे के मुंह पर एक एल्युमिनियम या लोहे की पतली पट्टी (Patti) लगा देता था, जिस पर चिपचिपा गोंद लगा होता था। जब कोई आम नागरिक पैसे निकालने के लिए कार्ड स्वाइप करता, तो बैंक खाते से पैसे कटने का मैसेज तो मोबाइल पर आ जाता था और मशीन के अंदर की मोटर चलने की आवाज भी सुनाई देती थी, लेकिन शटर पर लगी पट्टी के कारण नोट बाहर नहीं आ पाते थे। ग्राहक यह सोचकर कि बैंक का सर्वर डाउन है या मशीन में कैश खत्म हो गया है, अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए एटीएम से बाहर निकल जाता था। इसी मौके का फायदा उठाकर आरोपी चंद सेकेंडों में अंदर घुसकर चाकू या पेचकस की मदद से पत्ती हटाते और उसमें फंसे सारे नोट निकालकर फरार हो जाते थे।
देश के कई राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की दर्जनों वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। लगातार मिल रही शिकायतों और एटीएम बूथों के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें से विभिन्न बैंकों के दर्जनों एटीएम कार्ड, विशेष आकार की पत्तियां, पेचकस, प्लास और लाखों रुपये का संदिग्ध कैश बरामद हुआ। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे एक ही दिन में कई शहरों के दर्जनों एटीएम को निशाना बनाते थे और रोज हजारों-लाखों रुपये की अवैध कमाई करते थे।
उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के शहरों में भी अलर्ट जारी
एटीएम के जरिए होने वाली इस नई किस्म की धोखाधड़ी को देखते हुए गुजरात पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ भी जानकारी साझा की है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा और मेरठ जैसे बड़े शहरों में भी ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए बैंकों और पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। विशेषकर उत्तर भारत के उन क्षेत्रों में जहां बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम बूथ संचालित हो रहे हैं, वहां गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस और साइबर सेल विभाग आम जनता को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी कर रहे हैं ताकि लोग एटीएम से पैसे निकालते समय सतर्क रहें और किसी भी तरह की संदिग्ध धातु या पट्टी दिखने पर तुरंत पुलिस व बैंक अधिकारियों को सूचित करें।
एटीएम से पैसे निकालते समय बरते यह सावधानियां और सुरक्षित रहें
बैंकों और पुलिस प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं ताकि वे इस तरह के साइबर और तकनीकी फ्रॉड से खुद को बचा सकें। जब भी आप किसी एटीएम बूथ में पैसे निकालने जाएं, तो सबसे पहले कैश निकलने वाले शटर की अच्छी तरह से जांच कर लें कि वहां कोई बाहरी पत्ती, क्लिप या गोंद तो नहीं लगा है। यदि आपके खाते से पैसे कटने का मैसेज आ जाए लेकिन कैश बाहर न निकले, तो तुरंत एटीएम बूथ के अंदर बने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और जब तक पुलिस या बैंक अधिकारी मौके पर न पहुँच जाएं, तब तक एटीएम छोड़कर न जाएं। इसके अलावा, हमेशा गार्ड वाले और सुरक्षित स्थान पर बने एटीएम का ही इस्तेमाल करें ताकि आपकी मेहनत की कमाई पूरी तरह से सुरक्षित रहे और इस तरह के साइबर अपराधी अपने मनसूबों में कभी कामयाब न हो सकें।