कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में हंगामा: ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र के नंबर मैच न होने पर विवाद, केईए ने दी सफाई
कर्नाटक के विजयपुरा जिले के टिकोटा कस्बे में स्थित श्री शारदाम्बा पीयू कॉलेज परीक्षा केंद्र पर रविवार को सिविल पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान उस समय भारी तनाव और हंगामा देखने को मिला, जब उम्मीदवारों ने प्रश्न पत्रों के क्रम संख्या (सीरियल नंबर) और ओएमआर शीट के बीच कथित विसंगति को लेकर चिंता जताई। इस भ्रम और विरोध के चलते कई उम्मीदवार परीक्षा केंद्र का बहिष्कार कर बाहर चले गए, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण द्वारा आयोजित की गई थी परीक्षा
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) द्वारा राज्य भर में 1,453 पुरुष और महिला सिविल पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया गया था। विजयपुरा जिले के कुल 61 केंद्रों पर यह परीक्षा निर्धारित थी, जिसमें टिकोटा स्थित केंद्र भी शामिल था। जिला अधिकारियों के अनुसार, सुबह 9:30 बजे की इस परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र पूरी सुरक्षा और समय पर केंद्रों पर पहुंच गए थे, जिन्हें केईए की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत ही वितरित किया गया था। प्रश्न पत्र बांटने के बाद उम्मीदवारों को ओएमआर उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं, जिसके बाद ही पूरा विवाद शुरू हुआ।
ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र के नंबर को लेकर क्या था भ्रम?
परीक्षा के दौरान कुछ उम्मीदवारों ने यह आपत्ति उठानी शुरू कर दी कि उनकी ओएमआर शीट पर दी गई क्रम संख्या, प्रश्न पत्र पर छपी क्रम संख्या से मेल नहीं खा रही है। इस तकनीकी अंतर को बड़ी अनियमितता मानते हुए कुछ छात्रों ने परीक्षा का विरोध किया और कक्ष छोड़कर बाहर चले गए। हालांकि, मौके पर मौजूद केंद्र पर्यवेक्षक और केंद्र प्रमुख ने उम्मीदवारों को तुरंत शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केईए के नियमों और एसओपी के अनुसार, ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र की संख्या का आपस में मिलना बिल्कुल भी आवश्यक नहीं होता है। उम्मीदवारों को केवल अपनी ओएमआर उत्तर पुस्तिका पर सही प्रश्न पत्र श्रृंखला कोड, संस्करण कोड और अपना पंजीकरण नंबर सावधानी से भरना होता है।
अधिकारियों की समझाइश के बाद भी नहीं माने कुछ छात्र
जिला प्रशासन ने बताया कि विजयपुरा के कुछ अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी इसी तरह की शंकाएं सामने आई थीं, लेकिन जब वहां के अधिकारियों ने नियमों की सही जानकारी दी, तो छात्रों ने परीक्षा शांतिपूर्वक जारी रखी। हालांकि, टिकोटा केंद्र पर कुछ उम्मीदवार संतुष्ट नहीं हुए और परीक्षा परिसर से बाहर चले गए। बाद में जब इन छात्रों को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने दोबारा परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की अनुमति मांगी, तो परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए केंद्र अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, क्योंकि एक बार केंद्र छोड़ने के बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं होती है।
परीक्षा केंद्र के बाहर हुआ हंगामा और पुलिस का हस्तक्षेप
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र से बाहर जाने वाले कुछ नाराज उम्मीदवारों ने बाहर आकर जमकर हंगामा किया और जबरन गेट धक्का देकर अंदर घुसने का प्रयास किया। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर कर स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। इन सब व्यवधानों और हंगामे के बीच भी केंद्र के भीतर मौजूद 100 से अधिक समझदार उम्मीदवारों ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी परीक्षा समय पर पूरी की। केईए ने इस व्यवधान और शुरुआती देरी की भरपाई के लिए छात्रों को अतिरिक्त समय भी प्रदान किया।