AIADMK और TVK के बीच जुबानी जंग तेज, पलानीस्वामी ने विजय पर कसा तंज
चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी टीवीके (TVK) और मुख्य विपक्षी दल एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की होड़ के बीच दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। हाल ही में एआईएडीएमके के शीर्ष नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने टीवीके प्रमुख विजय पर एक बेहद तीखा और तंज कसने वाला बयान दिया है, जिससे दक्षिण भारतीय राजनीति का पारा अचानक काफी हाई हो गया है।
क्या है पूरा राजनीतिक घटनाक्रम और तंज की वजह?
तमिलनाडु की राजनीतिक जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे अभिनेता विजय ने जबसे अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिझगा वेत्री कड़गम' (TVK) की शुरुआत की है, तब से पारंपरिक क्षेत्रीय दलों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी से जब विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और बयानों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विजय सिर्फ तमिलनाडु के ही नहीं, बल्कि वे चाहें तो अमेरिका के राष्ट्रपति भी बन सकते हैं। पलानीस्वामी का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे विजय के राजनीतिक कद और उनके समर्थकों के दावों पर एक सीधे कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।
AIADMK और TVK के बीच क्यों बढ़ रही है तनातनी?
दक्षिण भारत के इस राज्य में पारंपरिक रूप से द्रमुक (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिलता रहा है। हालांकि, रजनीकांत के राजनीति से दूरी बनाने के बाद अब कमल हासन और विशेष तौर पर थलापति विजय की एंट्री से राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। टीवीके प्रमुख विजय लगातार राज्य की मौजूदा सरकार के साथ-साथ विपक्षी दलों की नीतियों पर भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में एआईएडीएमके को यह डर सता रहा है कि विजय का बढ़ता जनसमर्थन उनके वोट बैंक में सेंध लगा सकता है। यही कारण है कि अब एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता खुलकर विजय पर निशाना साध रहे हैं और उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
तमिलनाडु चुनाव से पहले बदलते सियासी समीकरण और भविष्य की राह
तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की यह आपसी खींचतान इस बात का संकेत है कि मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय हो सकता है। एक तरफ जहां सत्ताधारी पार्टी अपनी योजनाओं के दम पर वापसी की जुगत में है, वहीं एआईएडीएमके अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है। दूसरी ओर, अभिनेता विजय का स्टारडम और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता नए राजनीतिक विकल्प की तलाश कर रहे मतदाताओं को आकर्षित कर रही है। पलानीस्वामी के इस ताज़ा तंज ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में एआईएडीएमके और टीवीके के बीच का यह राजनीतिक संघर्ष और अधिक तीखा होने वाला है।