AI पर न्यूयॉर्क के स्कूलों में लगा बैन, 5 लाख से ज्यादा छात्र-शिक्षकों पर सीधा असर

AI पर न्यूयॉर्क के स्कूलों में लगा बैन, 5 लाख से ज्यादा छात्र-शिक्षकों पर सीधा असर

संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े स्कूली तंत्र 'न्यूयॉर्क सिटी पब्लिक स्कूल्स' में अगले सप्ताह से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। लंबे अवकाश के बाद कक्षाओं में लौट रहे लाखों बच्चों के लिए इस बार नियम पूरी तरह बदले हुए नजर आएंगे। स्कूल प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के मद्देनजर प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का बड़ा नीतिगत निर्णय लिया है। इस कदम से शहर के 5 लाख से अधिक छात्र और शिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

प्री-स्कूल से आठवीं कक्षा तक जेनरेटिव AI पर पूर्ण पाबंदी

एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह नई पाबंदी प्री-स्कूल से लेकर मिडिल स्कूल यानी के-8 ग्रेड (K-8) तक के सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों पर प्रभावी रूप से लागू होगी। आधुनिक तकनीक के अंधाधुंध उपयोग और बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता पर इसके प्रभाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान मम्दानी ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों के लिए जेनरेटिव एआई टूल्स पर फिलहाल रोक लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रतिबंध के प्रभावों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा और अगले वर्ष इसके नतीजों की समीक्षा की जाएगी।

तकनीक के औपचारिक नियमों की मांग के बीच उठा कदम

यह अहम फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब शिक्षाविदों और अभिभावकों का एक वर्ग कक्षाओं में एआई के सुरक्षित व नियंत्रित उपयोग के लिए ठोस दिशा-निर्देश और औपचारिक नियमावली तैयार करने की लगातार मांग कर रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी उम्र में एआई आधारित समाधानों पर अत्यधिक निर्भरता से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास, मौलिक लेखन और समस्या-समाधान के कौशल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

देश के सबसे बड़े स्कूल नेटवर्क पर होगा सीधा असर

न्यूयॉर्क सिटी पब्लिक स्कूल्स लगभग 11 लाख विद्यार्थियों के साथ पूरे अमेरिका का सबसे विशाल स्कूल डिस्ट्रिक्ट है। इसके बाद लॉस एंजिल्स यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट देश में दूसरे पायदान पर आता है। इतने व्यापक स्तर पर लागू किया गया यह प्रतिबंध वैश्विक स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में एआई के विनियमन को लेकर एक नई बहस छेड़ सकता है। अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्ड भी न्यूयॉर्क के इस साहसिक कदम और इसके दूरगामी परिणामों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।