Weather Alert: 21 सितंबर से बदल जाएगा मौसम! इन राज्यों में आंधी, बिजली और मूसलाधार बारिश का अलर्ट
देशभर के मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 21 सितंबर से अगले कुछ दिनों तक देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम में आए इस तेज बदलाव का मुख्य कारण पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय हुआ एक निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) है। इसके प्रभाव से पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे पूर्वी भारत की कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा मंडराने लगा है।
दिल्ली और पंजाब में मौसम रहेगा साफ
जहां एक तरफ देश के बड़े हिस्से में बारिश का अलर्ट है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य पंजाब के लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आज बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसी तरह पंजाब के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश की संभावना बेहद कम है और मौसम सामान्य तौर पर शुष्क बना रहेगा।
पहाड़ी राज्यों और राजस्थान का हाल
उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में स्थानीय प्रभाव के चलते हल्की मौसमी हलचल दिखेगी। हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आज हल्की बारिश की संभावना है। उत्तराखंड के पहाड़ी जनपदों जैसे रुद्रप्रयाग, चमोली और नैनीताल में रुक-रुक कर बौछारें पड़ सकती हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन, राजौरी, रियासी और कठुआ जिलों में भी बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं। दूसरी ओर, राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाओं के चलने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
यूपी, बिहार और झारखंड में व्यापक बारिश की चेतावनी
पूर्वी और गंगा के मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा रहेगा। बिहार और झारखंड में 21 से लेकर 26 सितंबर के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज की जा सकती है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी हिस्से में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को मौसम करवट लेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का गंभीर खतरा जताया गया है, जिसको लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत और ओडिशा में बिगड़ेगा मौसम
मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। ओडिशा में 21 और 22 सितंबर को तेज तूफानी हवाओं के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी गतिविधियां सबसे अधिक उग्र रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 21 से 26 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी पूरे हफ्ते अलग-अलग दिनों में भारी बारिश से नदी-नालों के उफान पर रहने की आशंका है।
दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में भी बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का सीधा असर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में 21 से 26 सितंबर तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। केरल में 21 सितंबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और 22-23 तथा 26 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश में 25-26 सितंबर और कर्नाटक के कई जिलों में 26 सितंबर को भारी वर्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है।