तेजस Mk1A की डिलीवरी क्यों अटकी? HAL चीफ ने बताई असली वजह, जानिए बड़े अपडेट्स

तेजस Mk1A की डिलीवरी क्यों अटकी? HAL चीफ ने बताई असली वजह, जानिए बड़े अपडेट्स

इंडियन एयर फोर्स की ताकत बढ़ाने के लिए तैयार हो रहे स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की डिलीवरी का इंतजार थोड़ा और बढ़ सकता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने साफ किया है कि विमान के सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों की वजह से डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हुआ है।

HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि परीक्षण के दौरान सॉफ्टवेयर में कई जरूरी तकनीकी संशोधन किए जा रहे हैं। कंपनी इन सभी खामियों को तेजी से दूर करने में जुटी है ताकि सेना को पूरी तरह तैयार और अचूक हथियार प्रणाली सौंपी जा सके, क्योंकि तेजस Mk1A को दुश्मन के खिलाफ भारत का सबसे अहम सुरक्षा कवच माना जा रहा है।

सॉफ्टवेयर बदलावों के कारण समयसीमा तय करने से इनकार

HAL सीएमडी रवि कुमार ने तेजस Mk1A सौंपने की कोई फिक्स डेडलाइन देने से मना कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक विमान हर मानक पर शत-प्रतिशत खरा नहीं उतरता, तब तक उसे वायुसेना के हवाले नहीं किया जा सकता।

परीक्षण के दौरान कई छोटी-बड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आती हैं, जिन्हें ठीक करने में वक्त लगता है। इस विमान में जटिल और आधुनिक सॉफ्टवेयर सिस्टम लगा हुआ है, जिसमें जरूरत के मुताबिक अपडेट किए जा रहे हैं। जब तक सिस्टम पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता, तब तक डिलीवरी की सटीक तारीख बताना संभव नहीं है।

चार से पांच साल में मिल जाएंगे सभी 70 HTT-40 बेसिक ट्रेनर

बुनियादी प्रशिक्षण विमान HTT-40 के बारे में जानकारी देते हुए HAL प्रमुख ने बताया कि भारतीय वायुसेना के 70 विमानों के ऑर्डर को अगले 4 से 5 साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य में किसी भी तरह की रुकावट से बचने और गति देने के लिए कंपनी नॉन-कोर पार्ट्स के निर्माण में निजी क्षेत्र की कंपनियों की सक्रिय मदद ले रही है।

HTT-40 के प्रोडक्शन को तीन अलग-अलग डिवीजनों में बांटा गया है और स्थानीय सप्लाई चेन को भी मजबूत किया जा रहा है। करीब 57 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक से लैस इस विमान में 1,100 हॉर्सपावर का शक्तिशाली टर्बोप्रॉप इंजन है, जो 300 नॉट्स की रफ्तार और 6,000 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसे CEMILAC से सैन्य टाइप सर्टिफिकेट भी हासिल है।

भविष्य के युद्ध के लिए CATS वॉरियर ड्रोन का प्रोटोटाइप तैयार

भविष्य की रक्षा जरूरतों और मानवरहित युद्ध प्रणाली पर बड़ा कदम उठाते हुए HAL ने CATS वॉरियर (कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम) के प्रोटोटाइप का निर्माण शुरू कर दिया है। यह एक ऑटोनॉमस ड्रोन प्लेटफॉर्म है, जिसे 'लॉयल विंगमैन' के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद मुख्य फाइटर जेट्स के साथ मिलकर दुश्मन के इलाके में घातक मिशनों को अंजाम देना है। HAL की योजना अगले साल तक इस ड्रोन का प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) पूरा करने की है।

हॉक की जगह लेगा स्वदेशी LCA LIFT फाइटर-ट्रेनर

ब्रिटिश मूल के पुराने BAE Systems Hawk Advanced Jet Trainer विमानों के विकल्प के रूप में HAL अपना LCA LIFT (लीड-इन फाइटर ट्रेनर) कार्यक्रम वायुसेना के सामने पेश करने की तैयारी में है। वायुसेना के पास पहले से ही तेजस ट्विन-सीटर ट्रेनर मौजूद हैं, और कंपनी को पूरा भरोसा है कि LCA LIFT भारतीय सेना की भविष्य की आधुनिक पायलट ट्रेनिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए सबसे मुफीद साबित होगा।

पवन हंस को मिलेंगे 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर

सिविल एविएशन सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बनाते हुए HAL ने सरकारी कंपनी पवन हंस लिमिटेड के साथ 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों का करार किया है। इनमें से 4 हेलीकॉप्टर तुरंत दिए जा रहे हैं, जबकि 4 अन्य हेलीकॉप्टर इसी साल दिसंबर तक सौंप दिए जाएंगे।

बाकी बचे हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी अगले वित्त वर्ष में पूरी हो जाएगी। यह 5.5 टन श्रेणी का दो इंजन वाला मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर है, जो शक्ति 1H1C इंजन से संचालित होता है। 285 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार और 630 किमी की रेंज वाला यह हेलीकॉप्टर 14 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है और इसे एयर एंबुलेंस, वीआईपी मूवमेंट तथा आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

तेजस FOC ट्रेनर की डिलीवरी पूरी

शुक्रवार के कार्यक्रम के तहत HAL ने 2 LCA तेजस FOC ट्रेनर, HTT-40 और पवन हंस को 4 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर सौंपने की औपचारिकता पूरी की। इसके साथ ही FOC अनुबंध के तहत सभी 4 ट्विन-सीटर विमानों की डिलीवरी पूरी हो गई है। यह 4.5 पीढ़ी का ट्रेनर विमान आधुनिक ग्लास कॉकपिट, फ्लाई-बाय-वायर फ्लाइट कंट्रोल और डिजिटल एवियोनिक्स से लैस है, जो ट्रेनिंग के अलावा वास्तविक युद्ध में भी सटीक निशाना साधने की ताकत रखता है।