Up kiran,Digital Desk : रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने कहा है कि New START संधि की समाप्ति के बाद रूस परमाणु हथियार नियंत्रण सीमाओं के बिना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बीजिंग में कहा कि वाशिंगटन की प्रतिक्रिया न मिलने पर रूस नई वास्तविकता के अनुसार सैन्य उपाय करेगा।
संधि और समाप्ति का महत्व
न्यू स्टार्ट संधि 2010 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव द्वारा की गई थी।
यह संधि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और निरीक्षण की आखिरी कानूनी सीमा तय करती थी।
5 फरवरी, 2026 को संधि समाप्त होने के साथ, दोनों देशों के परमाणु हथियारों पर कानूनी अंकुश हट जाएगा।
इससे वैश्विक परमाणु हथियारों की दौड़ और अविश्वास बढ़ने का खतरा है।
रूस की प्रतिक्रिया
रियाबकोव ने कहा कि रूस दशकों में पहली बार दो बड़ी एटमी शक्तियों के बीच बिना किसी सीमा के जीवन के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड में मिसाइल रक्षा प्रणालियां तैनात करता है, तो रूस अपने सैन्य क्षेत्र में क्षतिपूर्ति उपाय करेगा।
चीन ने शस्त्र नियंत्रण के मामले में रूस का समर्थन किया है।
परिणाम और वैश्विक सुरक्षा
संधि समाप्त होने के बाद दोनों देशों के परमाणु ठिकानों का निरीक्षण बंद हो जाएगा।
इससे गलत अनुमान और सूचना की कमी के कारण परमाणु संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष, चीन और अमेरिका के बीच त्रिकोणीय हथियारों की होड़ जैसी नई चुनौती सामने आ सकती है।
न्यू स्टार्ट संधि के बिना, वैश्विक एटमी निरस्त्रीकरण प्रयासों पर बड़ा झटका लग सकता है।
यूक्रेन पर रूस का हमला
रूस ने 450 ड्रोन और 70 मिसाइलों से यूक्रेन पर हमला किया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस बिजली, हीटिंग और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बना रहा है।
अब यूक्रेन ने पश्चिमी साझेदारों के साथ युद्धविराम उल्लंघन पर संयुक्त प्रतिक्रिया की योजना बनाई है।




