UP के इस मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी शुरू, दो चिकित्सकों ने डोनेट किया प्लाज्मा

गोरखपुर, 06 सितम्बर। कोरोना वायरस से ग्रसित लोगों को अब बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में भी प्लाज्मा थेरेपी की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। अब कोरोना संक्रमितों का इलाज आसान हो गया है। बताया जा रहा है कि दो डॉक्टरों ने प्लाज्मा दान किया है। हालांकि अब तक इसे किसी संक्रमित को चढ़ाया नहीं गया है।

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कोरोना संक्रमितों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी काफी कारगर साबित हुई है। गंभीर मरीजों की जान इसी थेरेपी से बच रही है। लखनऊ के केजीएमयू और पीजीआई में प्लाज्मा थेरेपी के जरिए संक्रमितों का इलाज हो रहा है। इसको देखते हुए शासन ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज को भी प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने का निर्देश दिया था। इसी के तहत बीआरडी प्रशासन ने कवायद शुरू की है।

बीआरडी में नहीं है एफ्रेसिस मशीन

प्लाज्मा थेरेपी के लिए एफ्रेसिस मशीन की जरूरत पड़ती है लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एफ्रेसिस नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन से मशीन की मांग की है। लेकिन तात्कालिक तौर पर बीआरडी प्रशासन ने प्लाज्मा दान के लिए फातिमा अस्पताल के ब्लड बैंक का सहारा लिया है। यहां एफ्रेसिस मशीन है। संक्रमित लोग यहीं पर प्लाज्मा दान कर सकेंगे। वहां से प्लाज्मा का पैकेट बीआरडी लाया जा रहा है।

इन दो चिकित्सकों ने किया प्लाज्मा दान

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के अलावा एक निजी अस्पताल के चिकित्सक ने प्लाज्मा दान किया है। इसमें एक बीआरडी के मानसिक रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तपस आईच व दूसरे निजी चिकित्सक डॉ. नीरज श्रीवास्तव शामिल हैं। दोनों डॉक्टर दो महीने पहले संक्रमित हुए थे और अब संक्रमण से उबर चुके हैं। प्रत्येक से 400 मिलीलीटर प्लाज्मा लिया गया है। इसे प्रिजर्व कर लिया गया है। अब इसे कोरोना वायरस से ग्रसित गंभीर मरीजों के चढ़ाया जाएगा। चढ़ाने से पहले इस बात की जरूर जांच की जाएगी कि प्लाज्मा मरीज के शरीर के लिए उपयुक्त है या नहीं।

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