Up kiran,Digital Desk : नई दिल्ली में शुक्रवार को सियासी बहस फिर तेज हो गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता में IPAC ऑफिस और उसके निदेशक के घर पर छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तीव्र प्रतिक्रिया के बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महामारी और विरोधों पर तीखा हमला किया।
बीजेपी ने कहा कि TMC का विरोध “बेमेल” और “भ्रष्टाचार के मामलों को छिपाने की कोशिश” जैसा दिख रहा है। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जांच एजेंसियों को काम करने नहीं देतीं और अधिकारियों को धमकाने जैसा व्यवहार करती हैं। उन्होंने कहा कि यह पहले आजाद भारत में कभी नहीं देखा गया स्तर का विरोध है।
प्रसाद ने यह भी कहा कि ED की कार्रवाई एक निजी कंपनी के खिलाफ थी और इसमें कोई राजनीति नहीं है, जबकि TMC इसे राजनीतिक बदले की राजनीति बता रही है। भाजपा ने सवाल किया कि ममता बनर्जी इस प्रक्रिया से इतनी क्यों परेशान हैं और क्या वे कोई बात छिपाना चाहती हैं।
वहीं दूसरी तरफ, TMC नेता और सांसद दिल्ली और कोलकाता दोनों ही जगह विरोध प्रदर्शन में जुटे हैं। दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर कई TMC सांसदों को हिरासत में लिया गया जब वे ED की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगा रहे थे। TMC का कहना है कि केंद्र जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष पर दबाव बना रहा है।
कोलकाता में ममता बनर्जी ने भी ED की कार्रवाई और दिल्ली में सांसदों की हिरासत के खिलाफ सड़कों पर रैली निकाली। TMC ने आरोप लगाया कि यह सारा कदम 2026 के विधानसभा चुनाव के पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के लिए उठाया गया है।




