Up Kiran, Digital Desk: दोस्तों, हर साल हमारे देश का केंद्रीय बजट (Union Budget) न सिर्फ़ सरकार की योजनाओं को तय करता है, बल्कि हम जैसे आम लोगों से लेकर बड़े उद्योगों तक, सभी की ज़िंदगी पर इसका सीधा असर पड़ता है. यही वजह है कि बजट आने से पहले इसकी हर खबर पर सबकी नज़रे बनी रहती हैं. इसी कड़ी में, आज 18 नवंबर 2025 को हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने एक बहुत ही ज़रूरी काम किया है – उन्होंने बजट से पहले बाज़ार विशेषज्ञों (Market Experts) के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं!
ये बैठकें कोई सामान्य बातचीत नहीं होतीं. ये एक तरह से 'पल्स चेक' (Pulse Check) होती हैं, जहाँ वित्त मंत्री अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, खासकर वित्तीय बाज़ारों के जानकारों से सलाह और सुझाव लेती हैं. इन सुझावों के आधार पर ही आने वाले बजट को आकार दिया जाता है.
क्यों ख़ास हैं ये प्री-बजट बैठकें?
यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार अगले केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) को लेकर काफी गंभीर है. बाजार के जानकार ही सरकार को बता सकते हैं कि मौजूदा आर्थिक स्थिति कैसी है, उद्योगों की क्या ज़रूरतें हैं, कहाँ निवेश को बढ़ावा देने की गुंजाइश है और कहाँ से सरकार को रेवेन्यू बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं.
इस चर्चा में कई बातें सामने आ सकती हैं, जैसे:
- पूंजी बाज़ारों में निवेश: विशेषज्ञ यह सलाह दे सकते हैं कि शेयर बाज़ार और पूंजी बाज़ारों में और अधिक निवेश को कैसे आकर्षित किया जाए. इसमें कर संबंधी सुधार (Tax Reforms) या नई नीतियों का प्रस्ताव हो सकता है.
- आर्थिक स्थिरता: वे मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में स्थिरता लाने के लिए और कौन से कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर अपनी राय देते हैं.
- उद्योगों को बढ़ावा: विभिन्न उद्योग क्षेत्रों, जैसे स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर, को कैसे मदद की जा सकती है, इस पर भी सुझाव दिए जाते हैं.
- नई रणनीतियाँ: आने वाले बजट में सरकार को कौन सी नई आर्थिक रणनीतियाँ अपनानी चाहिए, इस पर भी गहरे विचार-विमर्श होता है.
क्या बदलेंगे नियम? आपकी उम्मीदें क्या हैं?
ऐसी बैठकों का सीधा असर निवेशकों के साथ-साथ उन सभी पर पड़ता है जो बाजार से जुड़े हैं. अगर बाज़ार विशेषज्ञों के सुझावों को बजट में शामिल किया जाता है, तो इससे शेयर बाजार में एक नई उम्मीद जाग सकती है. यह निवेशकों को संकेत देता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए तैयार है.
अगले साल के केंद्रीय बजट से ठीक पहले, निर्मला सीतारमण की इन बैठकों ने बजट से जुड़ी अटकलों को और तेज कर दिया है. अब सबको इंतज़ार है कि वित्त मंत्री इन महत्वपूर्ण चर्चाओं के बाद अगले बजट में हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए कौन-कौन से बड़े फैसले लेकर आती हैं.
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