mango price: आम हर साल फरवरी से जून तक 5 महीने के लिए फल बाजार पर हावी रहता है; लेकिन इस वर्ष खराब मौसम के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है और आवक कम हो गई है। इस वर्ष कोंकण आम का अधिकतम आगमन 1 अप्रैल से 10 मई तक होगा, जो 40 दिन का होता है।
गुजरात और दक्षिणी राज्यों में उत्पादन कम होने के कारण इस वर्ष उपभोक्ताओं को कम आम उपलब्ध होंगे तथा कीमतें ऊंची रहेंगी। आमों की बड़ी आवक पिछले साल फरवरी में शुरू हुई थी; लेकिन इस वर्ष फरवरी में पिछले वर्ष की तुलना में 583 टन कम आवक हुई। पिछले वर्ष मार्च के आरंभ में औसतन 40,000 बक्से आ रहे थे। इस वर्ष मात्र 20 से 25 हजार पेटियां ही आ रही हैं।
इस वर्ष बादामी, लालबाग, राजापुरी और केसर प्रजाति के आम एक अप्रैल से आएंगे। तो वहीं जुन्नार आम अप्रैल के बाद और दशहरी लंगड़ा 25 जून के बाद आएगा।
पिछले वर्ष फरवरी माह में ही बड़ी मात्रा में आमों की आवक शुरू हो गई थी। इस वर्ष ख़राब मौसम के कारण आगमन में कमी आई है। आम का अधिकतम आगमन 1 अप्रैल से 10 मई के बीच होगा। दक्षिण से आम का आयात भी कम होने की संभावना है।
आवक में 40 प्रतिशत की कमी: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में उत्पादन कम है। गुजरात में भी स्थिति ऐसी ही है। इस वर्ष का सीजन पिछले वर्ष की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत कम रहने की संभावना है।
_1576747793_100x75.png)
_1329697659_100x75.png)
_219830055_100x75.png)
_1144208169_100x75.png)
_1580588975_100x75.png)