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Up kiran,Digital Desk : दिल्ली की एक अदालत ने प्रोफेसर टी.जे. जोसेफ के हाथ काटने के चर्चित मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के एक कार्यकर्ता की जांच के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) को अनुमति दे दी है। इस कार्यकर्ता पर मुख्य आरोपियों को शरण देने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 2010 का है, जब प्रोफेसर जोसेफ पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपने कॉलेज के प्रश्न पत्र में कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत की हैं। इसी के चलते, थोडुपुषा में न्यूमैन कॉलेज के पास उन पर एक समूह ने हमला कर दिया था और उनके दाहिने हाथ को काट दिया था। इस हमले की जांच बाद में NIA को सौंप दी गई थी।

NIA की याचिका और अदालत का फैसला

NIA ने अदालत में एक याचिका दायर कर एक PFI कार्यकर्ता, जिस पर मुख्य आरोपियों को शरण देने का आरोप है, की विस्तृत जांच की मांग की थी। विशेष अदालत के न्यायाधीश पी.के. मोहनदास ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए NIA को कार्यकर्ता के खिलाफ आगे की जांच करने की अनुमति दी है। NIA पहले ही सवाद और शफीर सी नामक दो अन्य आरोपियों को इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है, जिन पर मुख्य आरोपियों को कथित तौर पर शरण देने का आरोप है।

अदालत के इस फैसले से मामले की जांच में एक नया मोड़ आने की उम्मीद है, और यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस हमले के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और उन्हें क्या सहायता मिली थी।