बरनाला: DDR के बदले पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप, युवक ने थाने के अंदर खाया जहर

बरनाला: DDR के बदले पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप, युवक ने थाने के अंदर खाया जहर

पंजाब के बरनाला जिले से पुलिस व्यवस्था और कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के धनौला पुलिस स्टेशन में एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वतखोरी का संगीन आरोप लगाते हुए थाने के अंदर ही संदिग्ध जहरीला पदार्थ निगल लिया। आनन-फानन में पुलिस प्रशासन ने युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका सघन इलाज जारी है।

17 दिन पहले जली थी कार, क्लेम के लिए थाने के चक्कर

घटना का शिकार हुआ पीड़ित युवक बरनाला के भठलां गांव का निवासी जॉबनप्रीत सिंह है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक बयान में जॉबनप्रीत ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि लगभग 17 दिन पहले उसकी कार में अचानक आग लग गई थी। वाहन के नुकसान का इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के लिए नियमानुसार उसे पुलिस स्टेशन से डेली डायरी रिपोर्ट (DDR) की कॉपी चाहिए थी। इसी जरूरी दस्तावेज को हासिल करने के लिए वह पिछले कई दिनों से लगातार थाने के चक्कर काट रहा था।

रिश्वत का दबाव और खुद पर आग लगाने का लगाया आरोप

जॉबनप्रीत ने आरोप लगाया कि धनौला थाने में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने DDR की कॉपी जारी करने की एवज में उससे खुलेआम पैसों की मांग की। इतना ही नहीं, पीड़ित का कहना है कि रिश्वत का विरोध करने पर उल्टे उसी पर अपनी ही गाड़ी में जानबूझकर आग लगाने का झूठा आरोप मढ़ दिया गया। पीड़ित ने अपनी आपबीती में संगरूर जिले के बलियां गांव से जुड़े एक पैतृक जमीन विवाद का भी खुलासा किया और एक स्थानीय पटवारी पर भी प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।

पुलिस का पक्ष: तनाव में था युवक, उसी दिन दर्ज हो गई थी DDR

मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जॉबनप्रीत अपने पुराने पारिवारिक जमीन विवाद के चलते पहले से ही गहरे तनाव और मानसिक अवसाद से जूझ रहा था। पुलिस के अनुसार, युवक बुधवार को थाने आया था और पुलिस ने उसी दिन उसकी क्षतिग्रस्त गाड़ी से जुड़ी DDR विधिवत दर्ज कर ली थी। उसे केवल कागजी प्रक्रिया के तहत अगले दिन दस्तावेज की कॉपी लेने के लिए बुलाया गया था।

SHO की वीसी के दौरान उठाया खौफनाक कदम

पुलिस विभाग के बयान के मुताबिक, गुरुवार सुबह जब जॉबनप्रीत धनौला पुलिस स्टेशन पहुंचा, तब थाना प्रभारी (SHO) एक बेहद महत्वपूर्ण प्रशासनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) में व्यस्त थे। इस कारण पीड़ित को कुछ देर बाहर प्रतीक्षालय में बैठने का आग्रह किया गया था। इसी दौरान तनाव में आकर युवक ने थाने परिसर के भीतर ही जहरीला पदार्थ गटक लिया। तबीयत बिगड़ते ही पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे मेडिकल सुविधा मुहैया कराई।