एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत, सीएम भगवंत मान ने बताया खेलों के लिए राज्य का पूरा प्लान
मोहाली के ऐतिहासिक बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम करते हुए जापान को 4-1 से करारी शिकस्त दी और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा जमा लिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं मेजबानी करने वाले राज्य पंजाब में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस शानदार जीत और टूर्नामेंट के सफल आयोजन के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खुलकर राज्य की खेल नीतियों और भविष्य के बड़े प्लान पर बात की। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ ऐलान किया कि पंजाब अब साल 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप (Hockey World Cup 2030) की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और सीएम भगवंत मान ने इस भव्य आयोजन के सफल समापन पर विजेता भारतीय टीम को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया और अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे स्टार खिलाड़ी हार्दिक सिंह को विशेष जर्सी भेंट कर सम्मानित किया।
पंजाब और हॉकी का पुराना और अटूट रिश्ता, ओलंपियनों की धरती पर सजा जीत का मंच
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता रूह का है। यह पावन धरती केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने देश को 77 हॉकी ओलंपियन और 48 ओलंपिक पदक विजेता दिए हैं। संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर जैसे गांवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन इलाकों ने दुनिया को एक से बढ़कर एक दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक खेलों में कई बार भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की है, जो इस बात का प्रमाण है कि पंजाब को भारतीय हॉकी की असली नर्सरी क्यों कहा जाता है। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 की सफल मेजबानी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पंजाब के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े टूर्नामेंट आयोजित करने की अद्वितीय क्षमता और बुनियादी ढांचा मौजूद है।
खेल ढांचे के विकास के लिए मान सरकार का बड़ा कदम, 1,744 करोड़ रुपये का विशेष बजट
राज्य में खेलों का स्तर ऊंचा उठाने और युवाओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं देने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खेल विकास का विस्तृत खाका पेश करते हुए बताया कि उनकी सरकार ने राज्य के खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,744 करोड़ रुपये का भारी-भरकम विशेष बजट आवंटित किया है। इस बजट के जरिए गांव-गांव से लेकर जिला स्तर तक खेल अकादमियों, स्टेडियमों और अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मान सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक हॉकी के छह नए अत्याधुनिक एस्ट्रोटर्फ मैदान पूरी तरह तैयार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य दो मैदानों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा जमीनी स्तर पर युवाओं को प्रेरित करने के लिए 18 आधुनिक सिक्स-ए-साइड एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान भी स्थापित किए गए हैं, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की छिपी हुई प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।
खेल पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
मुख्यमंत्री ने केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि खेलों के जरिए राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने के विजन को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के होने से पंजाब में खेल पर्यटन (Sports Tourism) को जबरदस्त बढ़ावा मिलता है। ऐसे आयोजनों से होटल इंडस्ट्री, आतिथ्य सत्कार, खेल सामान के निर्माण और परिवहन क्षेत्र में नए आर्थिक अवसर पैदा होते हैं। जब दूसरे देशों और राज्यों से खिलाड़ी व दर्शक पंजाब आते हैं, तो यहाँ की संस्कृति और मेहमाननवाजी का प्रसार वैश्विक स्तर पर होता है। मान सरकार का यह मानना है कि खेल युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं, इसलिए सरकार खेलों को एक जन-आंदोलन का रूप देने में जुटी हुई है ताकि हर युवा अपनी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल कर सके।
2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए कमर कस रहा पंजाब, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी साख
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की निर्बाध और सफल मेजबानी के बाद पंजाब सरकार के हौसले बुलंद हैं। हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने भी इस टूर्नामेंट के शानदार प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार की भूरी-भरी प्रशंसा की है। इसी सफलता से उत्साहित होकर मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि पंजाब आने वाले वर्षों में और भी बड़े ग्लोबल इवेंट्स की मेजबानी करेगा और मुख्य रूप से साल 2030 के हॉकी विश्व कप को अपने यहां आयोजित कराने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय महासंघ के सहयोग से पंजाब इस ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल करने में पूरी तरह कामयाब होगा। मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और सरकार की इस दूरदर्शी खेल नीति से साफ जाहिर है कि आने वाले दिनों में पंजाब वैश्विक खेल के नक्शे पर एक मजबूत महाशक्ति के रूप में उभरने वाला है।