कुवैत अग्निकांड: दूसरों की जान बचाते-बचाते खुद आग में फंसा पंजाब का लाल, जिंदा जलने से दर्दनाक मौत

कुवैत अग्निकांड: दूसरों की जान बचाते-बचाते खुद आग में फंसा पंजाब का लाल, जिंदा जलने से दर्दनाक मौत

हल्का मजीठा के गांव पंधेर कलां के रहने वाले 35 साल के युवक जगतार सिंह की कुवैत में एक दुखद घटना में मौत हो गई। देर रात एक बहुमंजिला इमारत में अचानक लगी आग में जगतार सिंह फंस गए और जिंदा जल गए। युवक की मौत की खबर गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। 

जगतार सिंह 5 साल पहले रोजी-रोटी कमाने गए थे विदेश 

परिवार वालों के मुताबिक, जगतार सिंह पिछले पांच सालों से कुवैत में रोजी-रोटी कमाने गए थे। वह परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को सुधारने और अपने दो छोटे बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए विदेश में काम कर रहे थे। वह परिवार के अकेले कमाने वाले बेटे थे और उनकी मौत के साथ ही परिवार का आर्थिक सहारा भी खत्म हो गया है।

परिवार वालों ने बताया कि जगतार सिंह जल्द ही घर लौटने वाले थे। परिवार उनके लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही उनके शव के घर लौटने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

मृतक कुवैत में चार मंजिला इमारत में रहते थे

घटना की जानकारी देते हुए मृतक के ससुराल पक्ष के रिश्तेदार सतपाल सिंह ने बताया कि जगतार सिंह कुवैत में एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर रहते थे। रात करीब 1 बजे इमारत में अचानक आग लग गई। जैसे ही जगतार सिंह को आग के बारे में पता चला, उन्होंने वहां रह रहे अन्य युवकों को जगाया और उन्हें आग के बारे में सचेत किया।

परिवार वालों के मुताबिक, जगतार सिंह ने पहले अपना सामान नीचे फेंका और अन्य युवकों को इमारत से बाहर निकलने में मदद की। कई लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन कोई जरूरी चीज पीछे छूट जाने के कारण जगतार सिंह वापस ऊपर चले गए। इस दौरान आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और वह बाहर नहीं निकल पाए।

परिवार वालों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही समय में इमारत का एक बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। उनके मुताबिक, आग के दौरान बिजली के तार गिरने से स्थिति और खतरनाक हो गई। परिवार का कहना है कि जगतार सिंह ने दूसरों की जान बचाने में मदद की, लेकिन खुद आग की चपेट में आ गए। जगतर सिंह दो छोटे बच्चों के पिता थे।

मृतक के भाई इकबाल सिंह ने बताया कि जब परिवार को घटना की जानकारी मिली, तो वे गहरे सदमे में आ गए। उन्होंने कहा कि जगतर सिंह दो छोटे बच्चों के पिता थे और बच्चे अभी बहुत छोटे हैं। परिवार को अब बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।

परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मदद की लगाई है गुहार

परिवार ने पंजाब और केंद्र सरकार से मांग की है कि जगतर सिंह का शव जल्द से जल्द कुवैत से पंजाब लाया जाए, ताकि परिवार अपने बेटे को आखिरी विदाई दे सके और रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर सके।

परिवार ने बताया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और विदेश से शव को वापस लाने का खर्च उनके लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मानवीय और संवेदनशील आधार पर परिवार की मदद करने और जगतर सिंह के शव को जल्द से जल्द घर लाने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की।

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