चंडीगढ़ की सड़कों पर थार गाड़ी का कहर और लापरवाह ड्राइविंग

चंडीगढ़ की सड़कों पर थार गाड़ी का कहर और लापरवाह ड्राइविंग

देश के सबसे सुंदर, अनुशासित और आधुनिक शहरों में शुमार चंडीगढ़ (Chandigarh) अपनी साफ-सफाई और सुव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से देश के महानगरों और पॉश शहरों में रईसजादों और आधुनिक लाइफस्टाइल के नाम पर सड़क सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाने की जो प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, उसने आम नागरिकों की रातों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में चंडीगढ़ की सड़कों पर एक पावरफुल महिंद्रा थार (Mahindra Thar) गाड़ी चला रही युवती द्वारा मचाए गए कोहराम ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि सड़कों पर बेलगाम वाहन चलाना किस तरह मासूम लोगों की जिंदगी के लिए काल बन सकता है। जब लोग अपने काम से लौट रहे थे या सामान्य रूप से सड़कों पर चल रहे थे, तब इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं ने न केवल कानून-व्यवस्था पर बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाइक सवारों को कुचलने का सनसनीखेज वाकया और चश्मदीदों का बयान

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा चंडीगढ़ के एक व्यस्त मार्ग पर उस समय घटित हुआ जब सड़क पर आम दिनों की तरह सामान्य ट्रैफिक चल रहा था। थार गाड़ी बहुत ही तेज रफ्तार और लापरवाही से लहराते हुए आ रही थी और उसने आगे चल रहे एक बाइक (Motorcycle) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद भी गाड़ी चला रही युवती ने थार को रोकने के बजाय घायलों के ऊपर से ही गाड़ी निकालने की कोशिश की, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने जब इस भयानक मंजर को देखा तो उन्होंने तुरंत दौड़कर उस थार को घेर लिया और गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, ताकि वह मौके से फरार न हो सके।

रोकने पर लोगों को गालियां देना और नशे में होने का गंभीर आरोप

जब गुस्साए और सहमे हुए राहगीरों ने उस युवती को घेरकर गाड़ी रोकने को कहा, तो उसने अपनी गलती मानने के बजाय मौके पर ही हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। आरोप है कि युवती ने न केवल भीड़ के साथ बदसलूकी की, बल्कि रोकने वाले आम नागरिकों को सरेआम गालियां भी दीं और अपनी हनक दिखाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों का यह साफ तौर पर कहना था कि युवती ने हद दर्जे की शराब या किसी अन्य नशे का सेवन किया हुआ था, जिसके कारण वह अपने होश-हवाश में नहीं थी और खुद को संभाल भी नहीं पा रही थी। नशे की हालत में इस तरह भारी-भरकम एसयूवी (SUV) चलाना न केवल उसके अपने लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले सैकड़ों अन्य बेकसूर लोगों की जान के लिए एक बड़ा खतरा था। इस तरह की घटनाएं इस बात का स्पष्ट उदाहरण हैं कि आज की युवा पीढ़ी में कानून के प्रति खौफ किस हद तक समाप्त होता जा रहा है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर उठते सवाल

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भारी भीड़ के बीच से उस युवती तथा उसकी थार गाड़ी को अपने कब्जे में लेकर थाने ले आई। पुलिस ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती का मेडिकल परीक्षण (Medical Test) कराया जा रहा है जिससे यह आधिकारिक रूप से साबित हो सके कि उसने हादसे के वक्त शराब पी रखी थी या नहीं। इस सनसनीखेज मामले के बाद चंडीगढ़ के नागरिकों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है और लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे लापरवाह और नशेड़ी चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई दूसरा शख्स इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके।