‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शिवराज का बड़ा वार, मान सरकार से पूछे तीखे सवाल
पंजाब में ड्रग्स और नशे के गंभीर संकट को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पंजाब दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला।
भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' में शामिल होने पहुंचे चौहान ने राज्य में नशे के खिलाफ सरकारी दावों की पोल खोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब को जानबूझकर नशे के दरिया में धकेला जा रहा है।
उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि जो पीड़ित परिवार, बहनें और बेटियां अपना दर्द बयां करने भाजपा नेताओं से मिलने आ रही थीं, उन्हें पंजाब पुलिस ने थानों में बिठा दिया। केंद्रीय मंत्री ने सीधा सवाल दागा कि आखिर प्रदेश में ड्रग्स के बड़े तस्करों और सौदागरों को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और किसकी छत्रछाया में यह काला कारोबार फल-फूल रहा है।
'मुखिया ही नशा करके पहुंच जाता है विधानसभा': शिवराज का सीएम मान पर सीधा हमला
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से तीखा वार करते हुए कहा कि यह राज्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि जिसका मुखिया ही नशा करके विधानसभा तक पहुंच जाता हो, वहां की जनता न्याय की उम्मीद किससे करे।
उन्होंने पूछा कि पंजाब पुलिस ने उन लाचार माताओं और बहनों को थाने में नजरबंद करने की हिम्मत कैसे की, जो नशे से उजड़ चुके अपने घरों की व्यथा सुनाने आई थीं। चौहान ने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने का वादा किया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि नशा तस्करी का नेटवर्क और ज्यादा संगठित व बेखौफ हो गया है।
नशे के सौदागरों पर किसका हाथ? केंद्रीय मंत्री ने पूछे तीखे सवाल
शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब सरकार की प्रशासनिक विफलता पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने जनसमूह के सामने सवाल उठाया कि आज पंजाब में बेखौफ घूम रहे नशे के सौदागरों को किसकी सुरक्षा और पनाह मिल रही है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के संरक्षण के बिना इतने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति संभव ही नहीं है। चौहान ने आम आदमी पार्टी की सरकार को हर मोर्चे पर नाकाम बताते हुए राज्य के युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवारों और पंजाब के भविष्य को बचाने के लिए इस नशे के नेटवर्क के खिलाफ एक निर्णायक और सामूहिक लड़ाई का हिस्सा बनें।
तलवंडी साबो से यात्रा के चौथे चरण को हरी झंडी, हरियाणा सीएम सैनी भी रहे मौजूद
सोमवार को अपने एक दिवसीय पंजाब दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐतिहासिक स्थल तलवंडी साबो पहुंचे। वहां उन्होंने तख्त श्री दमदमा साहिब में श्रद्धापूर्वक मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की अरदास की। इसके बाद उन्होंने दाना मंडी, रविदासिया चौक से भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के चौथे चरण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी उनके साथ प्रमुखता से मंच पर मौजूद रहे। ज्ञात हो कि भाजपा ने 18 सितंबर से पूरे पंजाब में इस यात्रा का आगाज किया है। राज्य के चार अलग-अलग कोनों से शुरू की गई यह यात्रा सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और 30 सितंबर को जालंधर में एक विशाल रैली के साथ इसका औपचारिक समापन होगा।
मैसर खाना में जनसभा, तित्तरसर साहिब में लंगर और बठिंडा में किसानों से संवाद
तलवंडी साबो के कार्यक्रम के बाद शिवराज सिंह चौहान मैसर खाना पहुंचे, जहां उन्होंने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के तहत आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद वे गुरुद्वारा तित्तरसर साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेका और पंगत में बैठकर लंगर छका। अपने दौरे के अंतिम पड़ाव में केंद्रीय मंत्री बठिंडा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय प्रगतिशील किसानों और ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक में कृषि सुधारों, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण, ग्रामीण आजीविका और महिला उद्यमिता से जुड़े अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
नशे के मुद्दे पर पंजाब में आर-पार की जंग: मान बनाम भाजपा
पंजाब की राजनीति में नशा मुक्ति का मुद्दा इस वक्त राजनीतिक वर्चस्व का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन चुका है। भाजपा अपनी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के जरिए जमीनी स्तर पर जनता से जुड़कर सीधे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी भी आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। सीएम मान ने पूर्व में भाजपा पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया था कि देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों और सीमा पार से आने वाले ड्रग्स के मुख्य सप्लाई नेटवर्क पर केंद्र सरकार सख्त कार्रवाई क्यों नहीं करती। दोनों दलों की इस तीखी बयानबाजी ने राज्य के सियासी तापमान को पूरी तरह गरमा दिया है।