चंडीगढ़ में 45 मिनट का 'महा-ऑपरेशन', पीएम मोदी की सुरक्षा में लगे 3000 जवान, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ आगमन को लेकर शहर का पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद हो गया है। शुक्रवार को होने वाले इस बेहद संक्षिप्त 45 मिनट के दौरे के लिए पूरे शहर को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित होने वाले इस मुख्य कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को दिनभर उच्च स्तरीय बैठकों का दौर चलता रहा। चंडीगढ़ के उपायुक्त ने जहां प्रशासनिक स्तर पर मोर्चा संभाला, वहीं डीजीपी और आईजी ने खुद जमीन पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस बल को रिहर्सल करवाई।
हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर
सुरक्षा अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री का चौपर हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास के पास स्थित राजिंद्रा पार्क में लैंड करेगा। वहां से कार्यक्रम स्थल की दूरी महज दो किलोमीटर की है, जिसे सड़क मार्ग से तय किया जाएगा। इस पूरे रास्ते को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित कर दिया गया है। हवाई अड्डे से लेकर पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के पूरे कॉरिडोर में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहेंगी। इसके चलते नयागांव से चंडीगढ़ बैरियर की तरफ आने वाले वाहनों को दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा। साथ ही सेक्टर 2, 3, 10 और 11 के चौराहों पर भी आम जनता के लिए ट्रैफिक में बदलाव किया गया है।
तीन हजार जवानों का पहरा और सख्त पाबंदियां
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के करीब तीन हजार जवानों को मोर्चे पर लगाया गया है। इस सुरक्षा घेरे में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जांबाज भी शामिल हैं। कॉलेज परिसर में होने वाली जनसभा दोपहर डेढ़ बजे शुरू होगी, लेकिन सुरक्षा जांच को देखते हुए आम लोगों का प्रवेश सुबह 11 बजे से ही शुरू कर दिया जाएगा। सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल के भीतर किसी भी प्रकार की सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। यहां तक कि भीषण गर्मी के बावजूद परिसर में पानी की बोतल ले जाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
यूटी चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सभी संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत ग्रीन रूम, हेलीपैड और लॉजिस्टिक की व्यवस्था में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। बिजली की निर्बाध आपूर्ति और पब्लिक एड्रेस सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए तकनीकी टीमों को तैनात किया गया है। इस पूरी कवायद में नगर निगम, इंजीनियरिंग विभाग, परिवहन विभाग और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आला अफसर आपसी तालमेल के साथ जुटे हैं ताकि इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे को बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जा सके।