Up kiran,Digital Desk : कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को एक बार फिर सुल्तानपुर पहुंचे। मौका था केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराने का। हालांकि, इस अदालती कार्यवाही के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर अपने मानवीय पक्ष से लोगों का दिल जीत लिया। वे सुल्तानपुर से लौटते समय उस मोची की दुकान पर रुके, जिससे उनकी दोस्ती पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी।
रामचेत मोची के बेटे से मुलाकात और शोक संवेदना
राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट से लखनऊ लौटते समय अयोध्या-प्रयागराज हाईवे के गुप्तारगंज (विधायक नगर चौराहा) पर रुके। यहाँ वे दिवंगत मोची रामचेत के बेटे राघव की दुकान पर गए।
दुखद निधन: रामचेत का करीब तीन महीने पहले कैंसर और टीबी के कारण निधन हो गया था। राहुल गांधी उनके अंतिम समय में नहीं आ पाए थे, जिसका उन्होंने अफसोस जताया।
भावुक पल: राहुल ने राघव की नन्ही बेटी श्रद्धा को अपनी गोद में उठाया, उसे दुलार किया और चॉकलेट दी। उन्होंने राघव को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वह परिवार की हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार हैं।
मदद का भरोसा: राहुल ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को निर्देश दिया कि श्रद्धा के पैर की चोट का उचित इलाज सुनिश्चित कराया जाए, जो काफी समय से ठीक नहीं हो रही थी।
सुल्तानपुर कोर्ट: "मैं बेगुनाह हूँ, यह राजनीतिक साजिश है"
इससे पहले, राहुल गांधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया। यह मामला 2018 का है, जब कर्नाटक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने मानहानि का केस दर्ज कराया था।
बयान दर्ज: राहुल करीब 20 मिनट तक कोर्ट रूम में रहे। उन्होंने धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और आरोपों को निराधार करार दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कोर्ट परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा बेहद सख्त थी। डॉग स्क्वायड और एएसपी स्तर के अधिकारियों ने कमान संभाली हुई थी।
अगली तारीख: कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च 2026 की तारीख तय की है।
राहुल और रामचेत: एक अनूठी दोस्ती की कहानी
राहुल गांधी और रामचेत की मुलाकात जुलाई 2024 में हुई थी, जब राहुल अचानक उनकी छोटी सी दुकान पर बैठ गए थे और जूते सिलने का हुनर सीखा था।
बदल गई थी किस्मत: राहुल ने रामचेत को जूता सिलने की एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीन भेंट की थी, जिससे रामचेत का काम बढ़ गया और उन्होंने अपना खुद का ब्रांड 'रामचेत मोची' लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी थी।
10 जनपथ का सफर: राहुल ने रामचेत को दिल्ली स्थित अपने आवास पर बुलाकर सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से भी मिलवाया था। रामचेत ने गांधी परिवार को अपने हाथ से बनी चप्पलें भेंट की थीं।




