आंखों की सर्जरी के 24 घंटे बाद कुचामन के सरकारी अस्पताल में बिगड़ी हालत, 5 गंभीर मरीज जयपुर के SMS अस्पताल रेफर

आंखों की सर्जरी के 24 घंटे बाद कुचामन के सरकारी अस्पताल में बिगड़ी हालत, 5 गंभीर मरीज जयपुर के SMS अस्पताल रेफर

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। कुचामन के राजकीय उपजिला अस्पताल में मोतियाबिंद (Cataract) का ऑपरेशन कराने के 24 घंटे बाद ही 5 मरीजों की हालत अचानक बिगड़ गई। ऑपरेशन थियेटर से बाहर आने के अगले ही दिन मरीजों की आंखों में अत्यधिक सूजन, असहनीय दर्द और कम दिखाई देने (धुंधलापन) की शिकायत शुरू हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख और अस्पताल में पुख्ता इंतजाम न होने के कारण डॉक्टरों ने आनन-फानन में पांचों मरीजों को जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS Hospital Jaipur) अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।

इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और ऑपरेशन के दौरान बरती गई हाइजीन (साफ-सफाई) पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और वे डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

नि:शुल्क मोतियाबिंद शिविर में हुआ था ऑपरेशन

जानकारी के अनुसार, कुचामन के सरकारी अस्पताल में राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया था। बुधवार को कई बुजुर्ग मरीजों की आंखों का लेंस प्रत्यारोपण (Surgery) किया गया।

  • अचानक बढ़ा इन्फेक्शन: गुरुवार सुबह जब डॉक्टरों की टीम ने रूटीन चेकअप के लिए मरीजों की आंखों से पट्टी हटाई, तो 5 मरीजों की आंखों की स्थिति बेहद खराब पायी गई।

  • ये मरीज हुए रेफर: प्राथमिक तौर पर गंभीर पाए गए मरीजों में रामदेव (65), भंवरलाल (70), शांति देवी (62) सहित दो अन्य बुजुर्ग शामिल हैं। डॉक्टरों को अंदेशा है कि ऑपरेशन के दौरान या उसके ठीक बाद आंखों में कोई खतरनाक बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Post-operative Endophthalmitis) फैल गया है।

ओटी (Operation Theater) के उपकरणों पर उठे सवाल

घटना की भनक लगते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • संक्रमण का खतरा: चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सामूहिक इन्फेक्शन तभी होता है जब ऑपरेशन थियेटर पूरी तरह से स्टरलाइज (संक्रमण मुक्त) न हो या फिर सर्जरी में इस्तेमाल किए गए सर्जिकल उपकरण या दवाइयां (आई ड्रॉप्स) दूषित हों।

  • सैंपल भेजे गए लैब: एहतियात के तौर पर अस्पताल प्रशासन ने उस दिन इस्तेमाल किए गए सभी उपकरणों, बची हुई दवाओं और ऑपरेशन थियेटर के हवा के सैंपल (OT Culture) लेकर जांच के लिए भिजवा दिए हैं, ताकि संक्रमण के असली स्रोत का पता लगाया जा सके।

जयपुर SMS में डॉक्टरों की स्पेशल टीम मुस्तैद

कुचामन से रेफर किए गए पांचों मरीजों को एम्बुलेंस के जरिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के नेत्र रोग विभाग (Ophthalmology Department) में भर्ती कराया गया है। एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष टीम इन मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने के लिए एंटीबायोटिक इंजेक्शन और आपातकालीन सर्जरी (Vitrectomy) की तैयारी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे इन मरीजों की आंखों के लिए बेहद नाजुक हैं।

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