8 घंटे का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में! जयपुर-जोधपुर के बीच दौड़ने जा रहा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
राजस्थान के बुनियादी ढांचे को नई रफ्तार देने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेज कर दिया है। राज्य को जल्द ही 6-लेन जयपुर-पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है, जिससे प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। करीब 390 से 400 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 11,492 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जयपुर और जोधपुर के बीच की दूरी तय करने में अब 7 से 8 घंटे के बजाय महज 4 घंटे का समय लगेगा, जिससे मुसाफिरों के सीधे साढ़े तीन घंटे से अधिक बचेंगे।
यह हाई-स्पीड कॉरिडोर राजस्थान के 7 प्रमुख जिलों के 208 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसका सीधा लाभ जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, ब्यावर, पाली, जालोर और बालोतरा (पचपदरा) के निवासियों को मिलेगा। रूट की रूपरेखा के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे जयपुर के बगरू-सांगानेर रिंग रोड से शुरू होगा और मोजमाबाद, किशनगढ़ तथा विजयनगर होते हुए पाली पहुंचेगा। वहां से आगे बढ़ते हुए यह सीधे पचपदरा रिफाइनरी तक जुड़ेगा। इसके अलावा यह मार्ग अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर और दौसा-लक्ष्मणगढ़ के जरिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी लिंक होगा। इसके चलते जोधपुर से कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत होते हुए मुंबई तक का सफर 17-18 घंटे के बजाय केवल 11 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे के अस्तित्व में आने से पचपदरा पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को एक बड़ा लॉजिस्टिक बूस्ट मिलेगा। भारी मालवाहक वाहनों को घनी आबादी और व्यस्त पुराने रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे ईंधन की बचत होगी और माल ढुलाई की लागत में बड़ी कमी आएगी। वहीं गुजरात और पंजाब की ओर जाने वाले अंतरराज्यीय ट्रैफिक को भी एक निर्बाध बाईपास मिल जाएगा, जिससे मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम की समस्या पूरी तरह खत्म होगी। बेहतरीन राइडिंग क्वालिटी और आधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन और व्यापार को गति देगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी विकास के नए द्वार खोलेगा।