बेंगलुरु की सालों पुरानी मांग को मिली नई उम्मीद! राजस्थान भवन के लिए CM भजनलाल शर्मा ने कर्नाटक सरकार को लिखा पत्र
कर्नाटक की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर में रह रहे लाखों राजस्थानियों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बेंगलुरु में 'राजस्थान भवन' (Rajasthan Bhavan in Bengaluru) के निर्माण की बरसों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग को अब एक नई उम्मीद मिल गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कर्नाटक की सरकार को आधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र के सामने आने के बाद से दक्षिण भारत में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले और राजस्थान भवन की जरूरत से जुड़ी हर एक खास बात।
क्यों है बेंगलुरु में राजस्थान भवन की सख्त जरूरत?
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में देश के कोने-कोने से लोग शिक्षा, आईटी सेक्टर, बिजनेस और नौकरियों के सिलसिले में आकर बसते हैं। यहां रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों की संख्या भी लाखों में है।
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मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी: कर्नाटक के बड़े अस्पतालों (जैसे नारायण हेल्थ, मणिपाल, निमहांस आदि) में इलाज के लिए राजस्थान से हर साल हजारों मरीज गंभीर बीमारियां लेकर बेंगलुरु पहुंचते हैं। महंगे होटलों में रुकना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बेहद मुश्किल होता है।
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छात्रों और पर्यटकों की समस्या: पढ़ाई या नौकरी की तलाश में आने वाले युवाओं तथा पर्यटकों को ठहरने के लिए किफायती और सुरक्षित जगह की तलाश रहती है। एक आधिकारिक राजस्थान भवन बन जाने से इन सभी लोगों को बेहद कम खर्च पर रुकने और विश्राम करने की उत्तम सुविधा मिल सकेगी।
सीएम भजनलाल शर्मा के पत्र से जगी आस
प्रवासी राजस्थानियों की इन तमाम समस्याओं और कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्नाटक सरकार के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से उठाया है।
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जमीन आवंटन का अनुरोध: मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कर्नाटक सरकार को भेजे गए पत्र में बेंगलुरु शहर में राजस्थान भवन के निर्माण के लिए एक उपयुक्त और सुलभ स्थान पर भूमि (Land Allotment) आवंटित करने का आग्रह किया गया है।
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सांस्कृतिक और सामाजिक आदान-प्रदान: इस भवन के बन जाने से न केवल ठहरने की सुविधा मिलेगी, बल्कि कर्नाटक की धरती पर राजस्थानी संस्कृति, परंपराओं और कला को भी एक बेहतरीन मंच मिल सकेगा।
प्रवासी समाज में खुशी का माहौल
जैसे ही यह खबर बेंगलुरु और राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में फैली, प्रवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस संवेदनशील फैसले का दिल से स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि यदि कर्नाटक सरकार इस पर सकारात्मक रुख अपनाती है, तो बरसों पुराना यह सपना जल्द ही जमीन पर उतर सकेगा, जिससे दक्षिण भारत में रहने वाले राजस्थानियों को बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी।