मिड-डे मील योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: एक्सपायर दूध पाउडर से मावा बनाने की थी तैयारी, गोदाम पर छापे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

मिड-डे मील योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: एक्सपायर दूध पाउडर से मावा बनाने की थी तैयारी, गोदाम पर छापे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

सरकारी स्कूलों के बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बेहद संवेदनशील और बड़े घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को बांटे जाने वाले दूध पाउडर में बड़े पैमाने पर हेरफेर और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक्सपायर हो चुके दूध पाउडर के हजारों पैकेटों को फेंकने या नष्ट करने के बजाय, उनसे हलवाइयों के जरिए मावा (खोया) तैयार करने की पूरी प्लानिंग की जा रही थी। इस खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब जांच टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक मुख्य गोदाम पर अचानक छापेमारी की।

गोदाम में एक्सपायर दूध पाउडर का भारी स्टॉक देखकर उड़े अधिकारियों के होश

स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने जब संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। गोदाम के भीतर मिड-डे मील योजना के सरकारी मार्का वाले दूध पाउडर के सैकड़ों बोरे और हजारों एक्सपायर पैकेट अवैध रूप से डंप करके रखे गए थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन पैकेटों पर छपी एक्सपायरी डेट काफी समय पहले ही निकल चुकी थी। इस एक्सपायर्ड सरकारी माल को बाजार में खपाने के लिए पूरी तरह से री-पैकेजिंग या सीधे मावा भट्टियों में भेजने की तैयारी चल रही थी, जिससे त्योहारों के सीजन में मिलावटी मावा तैयार किया जा सके।

बच्चों की सेहत से खिलवाड़ और सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का खेल

मिड-डे मील का यह घोटाला न सिर्फ आर्थिक भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि मासूम बच्चों की जिंदगी को बड़े खतरे में डालने की एक सोची-समझी साजिश थी। नियमों के मुताबिक, सरकारी स्कूलों में बच्चों को पोषण देने के लिए यह दूध पाउडर मुफ्त सप्लाई किया जाता है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ ने इस माल को स्कूलों तक समय पर पहुंचाया ही नहीं, जिससे यह गोदामों में सड़ गया। अब अपनी वित्तीय चपत को बचाने और दोहरा मुनाफा कमाने के चक्कर में इस जहरीले हो चुके पाउडर से मावा बनाकर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने का चक्रव्यूह रचा जा रहा था।

बड़े नेक्सस का अंदेशा, पुलिस और खाद्य विभाग ने शुरू की सख्त कार्रवाई

इस बड़े खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस ने गोदाम को पूरी तरह से सील कर दिया है और मौके से भारी मात्रा में एक्सपायर दूध पाउडर को जब्त कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में गोदाम संचालक और संबंधित विभाग के कुछ संदिग्ध कर्मचारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह घोटाला सिर्फ एक जिले या गोदाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा अंतर-राज्यीय नेक्सस काम कर रहा है। प्रशासन ने दावा किया है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मुख्य सरगना सलाखों के पीछे होगा।

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