PM श्री स्कूल में 'क्लास' की जगह मिली 'झाड़ू': छात्रा से सफाई कराने का वीडियो वायरल, सरकारी दावों की खुली पोल

PM श्री स्कूल में 'क्लास' की जगह मिली 'झाड़ू': छात्रा से सफाई कराने का वीडियो वायरल, सरकारी दावों की खुली पोल

एक तरफ जहां देश के सरकारी स्कूलों को आधुनिक और ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए करोड़ों रुपये के बजट से 'PM श्री स्कूल' (PM SHRI School) योजना चलाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन से आई एक तस्वीर ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मासूम छात्रा हाथ में किताब थामने की उम्र में स्कूल परिसर में झाड़ू लगाती नजर आ रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

पढ़ाई के समय में छात्रा साफ कर रही थी परिसर

वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जहां बच्चों को क्लासरूम के अंदर बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए थी, उस समय एक छात्रा स्कूल के बरामदे और परिसर में झाड़ू लगा रही है। स्कूल ड्रेस पहने इस मासूम बच्ची का वीडियो किसी राहगीर या अभिभावक ने चुपके से बना लिया, जो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो देखने वाले लोग गुस्से में हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या इसी बदलाव के लिए इन स्कूलों को 'PM श्री' का दर्जा दिया गया था?

दावों और हकीकत के बीच का बड़ा फासला

PM श्री स्कूल योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक ऐसा सुरक्षित और प्रेरक माहौल देना है जहां अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए उनकी पढ़ाई हो सके। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब और खेलकूद की बेहतरीन व्यवस्था होने के दावे किए जाते हैं। लेकिन इस वायरल वीडियो ने यह साबित कर दिया है कि कागजी दावों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। स्टाफ की कमी या फिर संवेदनहीनता के कारण मासूम बच्चों से इस तरह का काम करवाना सीधे तौर पर उनके अधिकारों का हनन है।

सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा, कार्रवाई की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद से ही यूजर्स लगातार शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को टैग कर दोषी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब सरकार सफाई कर्मचारियों और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भारी-भरकम फंड देती है, तो बच्चों से झाड़ू क्यों लगवाई जा रही है? इस मामले में अभी तक स्कूल प्रशासन या उच्च अधिकारियों का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बढ़ते दबाव को देखते हुए जल्द ही जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।

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