एग्जाम में नकल की पर्ची पकड़े जाने के बाद 12वीं की छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शिक्षा और प्रशासनिक महकमे को स्तब्ध कर दिया है। जिला मुख्यालय के पास स्थित सैलाना के शासकीय कन्या आदिवासी उत्कृष्ट छात्रावास में रहने वाली कक्षा 12वीं की एक छात्रा ने अपने कमरे में फांसी का फंदा बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतका की पहचान वर्षा सोलंकी के रूप में हुई है, जो मंगलवार को अपनी अर्धवार्षिक परीक्षा देने के लिए विद्यालय पहुंची थी। परीक्षा हॉल के भीतर नकल सामग्री पकड़े जाने के बाद उपजे भारी तनाव और मानसिक दबाव में आकर उसने हॉस्टल लौटते ही यह खौफनाक कदम उठा लिया।
अर्थशास्त्र के पेपर में मिली थी पर्ची, दूसरी कॉपी देकर पूरा कराया गया था एग्जाम
घटनाक्रम के अनुसार वर्षा मंगलवार सुबह निर्धारित समय पर स्कूल में अपनी 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र (इकनॉमिक्स) का पर्चा हल कर रही थी। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात वीक्षक (इन्विजिलेटर) ने अचानक छात्रा की जांच की, जिसमें उसके पास से हाथ से लिखी नकल की पर्ची बरामद हो गई। नियमों का पालन करते हुए शिक्षक ने तुरंत नकल सामग्री को जब्त किया और छात्रा से पहली उत्तर पुस्तिका लेकर उसे दूसरी कॉपी दी, ताकि वह बाकी बचे समय में अपना पेपर पूरा कर सके। प्रत्यक्षदर्शियों और साथी परीक्षार्थियों के मुताबिक, इस घटना के बाद से ही छात्रा बेहद गुमसुम और मानसिक रूप से परेशान नजर आ रही थी। परीक्षा खत्म होते ही वह बिना किसी से बात किए सीधे हॉस्टल की तरफ निकल गई।
कमरे का दरवाजा खुलते ही मचा कोहराम, फंदे से झूलती मिली छात्रा
दोपहर के समय जब परीक्षा समाप्त होने के बाद हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं सामान्य दिनों की तरह अपने-अपने कमरों में लौटीं, तो कमरे के भीतर का खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। सामने वर्षा का शव पंखे और फंदे के सहारे लटकता हुआ दिखाई दे रहा था। यह खौफनाक दृश्य देखते ही पूरे छात्रावास परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहमी छात्राओं ने बिना वक्त गंवाए तुरंत छात्रावास अधीक्षिका और विद्यालय के प्राचार्य को इसकी सूचना दी। हॉस्टल प्रबंधन ने मामले की नजाकत और गंभीरता को देखते हुए तत्काल सैलाना थाना पुलिस को घटनास्थल पर बुलाया।
फॉरेंसिक यूनिट ने जुटाए साक्ष्य, परिजनों और शिक्षकों से होगी पूछताछ
घटना की गंभीर सूचना प्राप्त होते ही सैलाना पुलिस बल के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की विशेष टीम तुरंत छात्रावास के उस कमरे में पहुंची। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से बारीकी से फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्रित किए, जिसके बाद पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यही बात सामने आई है कि परीक्षा हॉल में नकल पकड़े जाने के बाद उपजी आत्मग्लानि, बदनामी के डर और तीव्र मानसिक अवसाद के कारण छात्रा ने यह जानलेवा फैसला लिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए विद्यालय के शिक्षकों, परीक्षा कक्ष में मौजूद स्टाफ और हॉस्टल की साथी छात्राओं के विस्तृत बयान दर्ज किए जा रहे हैं।