पंजाब में सचिन पायलट का मास्टरस्ट्रोक: चन्नी और वडिंग आए एक मंच पर
साल 2017 में केंद्र में पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार होने के बावजूद कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत सरकार बनाई थी। अब 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान उसी जीत के फॉर्मूले को दोहराने की पुख्ता तैयारी में जुट चुका है। पार्टी नेता राहुल गांधी ने पंजाब के सियासी रण में अपने सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार सचिन पायलट को जिम्मेदारी सौंपी थी।
सचिन पायलट ने अपने पहले ही दौरे में वर्षों से अलग-थलग चल रहे दिग्गज नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग—को एक साथ मंच पर बिठाकर साफ कर दिया है कि पंजाब में उनकी रणनीति को हल्के में लेना विरोधियों को भारी पड़ेगा।
राहुल गांधी की बस यात्रा से पहले तैयार हुआ मजबूत जमीन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी चुनावों को देखते हुए पंजाब में एक व्यापक बस यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। पहले यह यात्रा 15 सितंबर से प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसके 19 सितंबर से अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) से औपचारिक रूप से शुरू होने की संभावना है।
राहुल गांधी की इस सीधी एंट्री से ठीक पहले सचिन पायलट ने दिल्ली आलाकमान को वह एकजुट तस्वीर पेश कर दी, जिसका इंतजार पार्टी को लंबे अरसे से था। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की नीतियों के खिलाफ आयोजित बड़े धरने में मंच पर एक तरफ चरणजीत सिंह चन्नी और दूसरी तरफ राजा वडिंग कंधे से कंधा मिलाकर बैठे दिखे, जिससे आगामी चुनाव के लिए पार्टी का मनोबल काफी बढ़ गया है।
चंडीगढ़ के मंच पर दिखी गर्मजोशी: 'लड़ेंगे इकट्ठा होकर'
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने खुले मंच से सचिन पायलट की तारीफ करते हुए कहा कि वह पंजाब कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद बनकर आए हैं। चन्नी ने जोश भरते हुए कहा कि जहां तक नजर जाती है, वहां तक सिर्फ कांग्रेसी कार्यकर्ता खड़े हैं और सभी मिलकर पूरी ताकत से यह लड़ाई लड़ेंगे। वहीं दूसरी ओर राजा वडिंग ने भी सरकार पर तीखे हमले बोले और चन्नी के साथ खुलकर बातचीत करते नजर आए।
विरोधियों पर पलटवार करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि जो लोग कांग्रेस में गुटबाजी का दावा करते हैं, वे पहले अपने गिरेबान में झांकें; आम आदमी पार्टी के जिन राज्यसभा सांसदों को पंजाब की आवाज उठाने भेजा गया था, वे आज भाजपा के साथ खड़े दिख रहे हैं।
एक संवेदनशील मुद्दे पर सचिन पायलट का अचूक दांव
सचिन पायलट ने पहले ही दौरे में ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया जिससे कोई भी स्थानीय गुट प्रदर्शन से दूरी नहीं बना सका। उन्होंने दलित समुदाय से जुड़े गुलजार सिंह की संदिग्ध मौत (आत्महत्या) के मामले में न्याय की मांग को मुख्य मुद्दा बनाया और सीधे पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग रख दी।
दलित समाज से जुड़े इस गंभीर मुद्दे की वजह से चरणजीत सिंह चन्नी का आगे आना स्वाभाविक था, वहीं राजस्थान के पूर्व प्रभारी रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा से भी पायलट के करीबी संबंधों ने सभी दिग्गजों को एक छतरी के नीचे ला दिया। चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वॉटर कैनन चलाने और बैरिकेडिंग के बीच पायलट, चन्नी, वडिंग, रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत शीर्ष नेताओं ने एक साथ गिरफ्तारी दी, जिसने राहुल गांधी के आगामी अभियानों के लिए आक्रामक पिच तैयार कर दी है।