कोटेदारों के लिए खुशखबरी: अब प्रति कुंतल मिलेगा इतना पैसा, जानकर चौंक जाएंगे आप!

कोटेदारों के लिए खुशखबरी: अब प्रति कुंतल मिलेगा इतना पैसा, जानकर चौंक जाएंगे आप!

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का संचालन करने वाले हजारों कोटेदारों के लिए योगी सरकार ने राहत भरा बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने उचित दर विक्रेताओं (राशन डीलरों) को खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले लाभांश (मार्जिन) में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस नए प्रशासनिक निर्णय के तहत कोटेदारों को अब मौजूदा कमीशन के अलावा 25 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त 'राज्य मार्जिन' दिया जाएगा, जिससे उनकी मासिक आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा होना तय है।

अब सीधे ₹125 प्रति कुंतल पहुंचेगा कुल मार्जिन

खाद्य एवं रसद विभाग के तय फॉर्मूले के अनुसार, प्रदेश के उचित दर दुकानदारों को अब तक आधारभूत लाभांश के रूप में 100 रुपये प्रति कुंतल की दर से भुगतान किया जा रहा था। राज्य कैबिनेट के ताजा फैसले के बाद इसमें 25 रुपये प्रति कुंतल का अतिरिक्त राज्य अनुदान जोड़ दिया गया है। इस समायोजन के बाद अब कोटेदारों को प्रति कुंतल अनाज वितरण पर कुल 125 रुपये का मार्जिन मिलेगा, जिससे लंबे समय से मानदेय और कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे डीलरों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।

सितंबर में ₹100 हुआ था आधारभूत लाभांश, अब एक और बड़ा बूस्ट

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राशन कोटेदारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हाल ही में कदम उठाए हैं। पूर्व में आधारभूत लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया गया था। इस निरंतर वृद्धि के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब 25 रुपये का अतिरिक्त राज्य मार्जिन जोड़कर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर वितरण व्यवस्था को संभालने वाले विक्रेताओं के हितों की रक्षा प्राथमिकता में है।

दुकान संचालन के खर्चों से मिलेगी राहत, आजीविका होगी मजबूत

उचित दर विक्रेताओं का लंबे समय से तर्क था कि ई-पॉस (e-PoS) मशीनों के रखरखाव, बिजली बिल, इंटरनेट कनेक्टिविटी, तौल कर्मियों और दुकानों के किराए जैसे बढ़ते खर्चों के कारण पुरानी दरों पर काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। प्रति कुंतल कुल मार्जिन के 125 रुपये तक पहुंच जाने से कोटेदारों को इन परिचालन खर्चों को संतुलित करने में मदद मिलेगी। शासन का मानना है कि इस कदम से न केवल कोटेदारों की पारिवारिक आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि राशन वितरण प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता और सक्रियता आएगी।

राजकोष पर सालाना ₹225 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार

राशन कोटेदारों को दिए जाने वाले इस अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल के वित्तीय लाभ का पूरा भार उत्तर प्रदेश सरकार अपने राज्य बजट से वहन करेगी। वित्तीय आकलन के मुताबिक, इस कल्याणकारी फैसले से प्रदेश के राजकोष पर प्रति वर्ष लगभग 225 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। इसके बावजूद, सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में राशन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए इस खर्च को मंजूरी दी है।