UAE का बांग्लादेश को बड़ा झटका: 4800 नागरिकों के वीजा अचानक रद्द
पश्चिम एशिया के प्रमुख मुस्लिम राष्ट्र संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से लिए गए एक अप्रत्याशित फैसले ने पड़ोसी देश बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और कूटनीति दोनों को हिलाकर रख दिया है।
यूएई सरकार ने बिना कोई आधिकारिक कारण बताए 4,800 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों के वैध वीजा रद्द कर दिए हैं, जिसके चलते हजारों प्रवासियों को या तो अपनी जमी-जमाई नौकरी और कारोबार छोड़कर जबरन वतन लौटना पड़ रहा है या फिर जो छुट्टियां बिताने बांग्लादेश आए थे, वे वहीं फंसकर रह गए हैं। खाड़ी देश के इस कड़े रुख से ढाका में सत्तारूढ़ तारिक रहमान प्रशासन की नींद उड़ गई है और सरकार ने राजनयिक चैनलों के जरिए अबू धाबी प्रशासन से इस सामूहिक वीजा रद्दीकरण की समीक्षा करने की औपचारिक गुहार लगाई है।
बिना कारण बताए ईमेल पर मिला झटका, जुलाई से गहरा रहा था संकट
'द डेली स्टार' और 'खलीज टाइम्स' की रिपोर्टों के अनुसार, वीजा रद्द किए जाने का सिलसिला जुलाई के महीने से ही शुरू हो गया था। उस समय अबू धाबी स्थित बांग्लादेशी दूतावास ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करने को कहा था। हालांकि, अब हालात बेकाबू हो चुके हैं। छुट्टी पर बांग्लादेश लौटे कामगारों और कारोबारियों का कहना है कि उन्हें केवल एक संक्षिप्त ईमेल मिला जिसमें उनके वीजा निरस्त होने की सूचना दी गई थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें अपनी नौकरी, कंपनियों और कार्यस्थलों पर लौटने से क्यों रोका जा रहा है।
ढाका में फंसे नागरिकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: 22 सितंबर की डेडलाइन
इस अप्रत्याशित संकट ने ढाका की सड़कों पर बड़ा जन-आक्रोश पैदा कर दिया है और प्रभावित लोग अपनी ही सरकार को घेरने लगे हैं। 7 सितंबर को राजधानी के नेशनल प्रेस क्लब में 350 से अधिक प्रभावित बांग्लादेशी प्रवासियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर सरकार को 22 सितंबर तक का अल्टीमेटम थमा दिया। प्रदर्शनकारियों में 27 वर्षों से यूएई में सफलतापूर्वक कारोबार चला रहे अबुल कलाम आज़ाद जैसे वरिष्ठ प्रवासी भी शामिल थे, जिनका 7 अप्रैल को देश लौटने के बाद अचानक वीजा रद्द कर दिया गया। पीड़ितों ने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें समस्या का राजनयिक समाधान न होने तक तत्काल वित्तीय मदद और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का पैकेज शामिल है।
तारिक रहमान सरकार की सफाई: कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी
मामले के तूल पकड़ने पर प्रवासी कल्याण और विदेशी रोजगार राज्य मंत्री नुरुल हक नूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उनके मंत्रालय और विदेश विभाग को इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावितों में से कई नागरिकों के यूएई में बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें हैं, जिनका अचानक बंद होना दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए भी चिंताजनक है। मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि वीजा रद्द होने वाले बांग्लादेशियों की वास्तविक संख्या बढ़कर अब 4,800 के पार पहुंच चुकी है और विदेश मंत्रालय इस मसले को द्विपक्षीय बातचीत से सुलझाने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।
पश्चिम एशिया का तनाव और सोशल मीडिया पर यूएई की पैनी सुरक्षा निगरानी
'सेंटर फॉर नॉन-रेसिडेंट बांग्लादेशी' के अध्यक्ष एमएस शकील चौधरी के अनुसार, इस कठोर कार्रवाई के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और यूएई की सख्त आंतरिक सुरक्षा नीतियां हैं। खाड़ी देश अब प्रवासियों के वीजा नवीनीकरण, दस्तावेजों की वैधता और प्रक्रियात्मक कमियों की बहुत बारीकी से जांच कर रहा है। इसके साथ ही, विदेशी कामगारों की सोशल मीडिया गतिविधियों, राजनीतिक टिप्पणियों और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जाने वाली किसी भी गतिविधि पर भी तकनीकी रूप से कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जिसके चलते सुरक्षा जांच में मामूली संदेह होने पर भी वीजा निरस्त किए जा रहे हैं।