रोज-रोज के जाम से तौबा: एटा के इस मुख्य मार्ग के दिन बदलने वाले हैं, पास हुआ 29.5 करोड़ का प्रोजेक्ट

रोज-रोज के जाम से तौबा: एटा के इस मुख्य मार्ग के दिन बदलने वाले हैं, पास हुआ 29.5 करोड़ का प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश के एटा जनपद अंतर्गत इसौली और जलेसर क्षेत्र के निवासियों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से संकरी सड़क के कारण लग रहे भीषण जाम और दुर्घटनाओं के जोखिम को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चौड़ीकरण प्रस्ताव पर शासन स्तर से अंतिम मुहर लग गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत मार्ग को दोनों तरफ विस्तारित कर कुल 7 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके निर्माण पर लगभग 29.5 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

आमने-सामने दो बड़े वाहन आते ही थम जाता था पहिया

वर्तमान समय में इसौली-जलेसर रूट की चौड़ाई बेहद कम होने के कारण जब भी दो बड़े वाहन आमने-सामने आ जाते हैं, तो पूरा यातायात ठप हो जाता है। संकरे किनारों और खराब पटरियों की वजह से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी जोखिम के बीच रास्ता तय करना पड़ता था। कई मोड़ों पर वाहनों के फंसने से घंटों तक जाम की नौबत बनी रहती थी। सड़क के 7 मीटर चौड़ा होने के बाद दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह मिलेगी, जिससे इस रूट पर लगने वाले जाम से आम जनता को स्थायी मुक्ति मिलेगी।

बस, कार और भारी वाहनों के लिए बनेगा सुगम और तेज गलियारा

इसौली और जलेसर के बीच का यह संपर्क मार्ग स्थानीय व्यापार, कृषि उपज की ढुलाई और ग्रामीण आवागमन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। मार्ग के चौड़ीकरण और नए सिरे से डामरीकरण के बाद यात्री बसों, निजी कारों और मालवाहक भारी ट्रकों का संचालन सुरक्षित और तीव्र गति से हो सकेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से न केवल आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि यात्रा में लगने वाले समय और वाहनों के ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।

पीडब्ल्यूडी ने दी पुष्टि: प्रस्ताव स्वीकृत, जल्द काम होगा शुरू

परियोजना की औपचारिक जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता महेश चंद्र ने बताया कि इसौली-जलेसर मार्ग के चौड़ीकरण का विस्तृत प्रस्ताव सक्षम स्तर से स्वीकृत कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग 29.5 करोड़ रुपये के कुल बजट से सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप 7 मीटर चौड़ा डामरीकृत मार्ग बनाया जाएगा। विभागीय स्तर पर कागजी औपचारिकताएं और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।