डीडवाना मेंवानियत शर्मसार! 3.5 साल की मासूम से गंदी हरकत का आरोप, न्याय की मांग को लेकर पूर्व विधायक श्रीराम भींचर बैठे धरने पर

डीडवाना मेंवानियत शर्मसार! 3.5 साल की मासूम से गंदी हरकत का आरोप, न्याय की मांग को लेकर पूर्व विधायक श्रीराम भींचर बैठे धरने पर

राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले से एक बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली महज साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल परिसर में ही गलत काम (यौन उत्पीड़न) करने का गंभीर आरोप लगा है। इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भयंकर आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक श्रीराम भींचर भारी संख्या में समर्थकों और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए हैं।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा?

पीड़ित परिवार के अनुसार, उनकी मासूम बच्ची डीडवाना के एक स्थानीय निजी स्कूल में पढ़ने जाती थी। गत दिनों जब बच्ची घर लौटी तो उसने शारीरिक दर्द और असहजता की शिकायत की। परिजनों ने जब बच्ची से प्यार से पूछा और मामले की थाह ली, तो उसने स्कूल में हुई इस घिनौनी करतूत के बारे में बताया।

बच्ची की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिवार के लोग थाने पहुंचे और स्कूल प्रबंधन व अज्ञात आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया। घटना की सूचना मिलते ही शहर के तमाम सामाजिक संगठन, महिला संगठन और स्थानीय लोग थाने के बाहर जमा हो गए।

पूर्व विधायक श्रीराम भींचर का कड़ा रुख, धरने पर बैठे

प्रशासन और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करने में हील-हवाला देने से नाराज पूर्व विधायक श्रीराम भींचर आक्रोशित भीड़ के साथ धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपी शिक्षक या स्कूल से जुड़े दोषी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाता और स्कूल प्रशासन पर सख्त ताला नहीं लगाया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

धरने पर बैठे पूर्व विधायक और ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि नौनिहालों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे दरिंदों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। स्कूलों जैसे पवित्र स्थानों पर इस तरह की घटनाएं होना शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा कलंक है।

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसआईटी (SIT) गठित करने की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि मेडिकल रिपोर्ट और बच्ची के बयानों के आधार पर दोषियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और वहां कार्यरत स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके के सभी प्राइवेट स्कूलों की सुरक्षा और उनके प्रबंधनों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

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