धनतेरस पर भी सोना-चांदी सस्ता, चांदी 3500 और सोना 2800 रुपये टूटा; जयपुर में ये रहे आज के भाव

धनतेरस पर भी सोना-चांदी सस्ता, चांदी 3500 और सोना 2800 रुपये टूटा; जयपुर में ये रहे आज के भाव

धनतेरस के महापर्व पर देश भर के आभूषण बाजारों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। त्योहारी सीजन में आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया है और धनतेरस के पावन अवसर पर भी कीमती धातुओं के भाव में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। सर्राफा बाजारों में चांदी के दाम 3500 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गए हैं, जबकि सोने की कीमतों में भी 2800 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध सर्राफा बाजार में इस अप्रत्याशित मंदी के बाद सर्राफा व्यापारियों और आम खरीदारों के बीच जबरदस्त हलचल मच गई है। धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर सोने-चांदी के भाव गिरते ही दुकानों पर गहनों और सिक्कों की खरीदारी के लिए ग्राहकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है।

जयपुर सर्राफा बाजार में मंदी का बड़ा धमाका: जानिए क्या रहे सोने और चांदी के ताजा रेट्स

राजस्थान के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जयपुर सर्राफा कमेटी की ओर से जारी ताजा भावों के अनुसार, धनतेरस के दिन सोने और चांदी दोनों ही धातुओं की दरों में भारी मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव का असर साफ देखने को मिला है। जयपुर बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने के भाव 2800 रुपये घटकर नए स्तर पर आ गए हैं, जिससे 10 ग्राम शुद्ध सोने की कीमत ग्राहकों के लिए काफी सस्ती हो गई है। वहीं 22 कैरेट आभूषण सोने के दामों में भी प्रति 10 ग्राम बंपर गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की बात करें तो जयपुर में प्रति किलो चांदी के भाव में 3500 रुपये की भारी कटौती हुई है, जिससे चांदी के बर्तन, सिक्के और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

धनतेरस पर क्यों अचानक सस्ता हुआ सोना-चांदी? जानिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण

त्योहारी सीजन में अमूमन सोने और चांदी की मांग चरम पर होती है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार धनतेरस के दिन आई इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक और वित्तीय कारण मौजूद हैं। सर्राफा बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों (COMEX) में डॉलर इंडेक्स की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आए ताजा बयानों के बाद निवेशकों ने कीमती धातुओं में मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है। वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी में आई इसी नरमी का सीधा असर भारतीय वायदा बाजार (MCX) और स्थानीय सर्राफा बाजारों पर पड़ा है। इसके अलावा, धनतेरस से ठीक पहले थोक बाजार में आपूर्ति बढ़ने और सट्टेबाज़ों की बिकवाली के कारण भी स्थानीय स्तर पर भाव में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

जयपुर के बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भारी भीड़, सर्राफा कारोबारियों के खिले चेहरे

सोने और चांदी की दरों में आई इस अचानक गिरावट ने धनतेरस की खरीदारी का उत्साह दोगुना कर दिया है। जयपुर के जौहरी बाजार, एमआई रोड, राजापार्क और मालवीय नगर स्थित प्रमुख ज्वेलरी शोरूमों में सुबह से ही ग्राहकों की लंबी कतारें लग गई हैं। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि भाव कम होने से उन ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है जिन्होंने धनतेरस पर सोने के सिक्के, सोने की चेन, बैंगल और चांदी के बर्तनों की अग्रिम बुकिंग नहीं कराई थी। आभूषण विक्रेताओं के अनुसार, रेट टूटने के कारण इस बार पिछले वर्षों के मुकाबले कारोबार का वॉल्यूम काफी अधिक रहने की उम्मीद है, जिससे सर्राफा उद्योग में रिकॉर्ड कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदते समय इन जरूरी बातों और हॉलमार्किंग का रखें खास ध्यान

यदि आप भी धनतेरस के इस शुभ अवसर पर सस्ता हुआ सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञों ने खरीदारों को कुछ बेहद महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है। हमेशा बीआईएस (BIS) हॉलमार्क लगा 6-डिजिट का HUID नंबर वाला सोना ही खरीदें, जिससे सोने की शुद्धता की 100% गारंटी मिलती है। आभूषण खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें, जिसमें सोने का वजन, कैरेट (24K, 22K या 18K) और मेकिंग चार्ज का स्पष्ट विवरण दर्ज हो। इसी तरह चांदी के सिक्के या आभूषण खरीदते समय भी उसकी शुद्धता की जांच अवश्य करें। भाव में आई इस गिरावट का लाभ उठाकर सही और प्रमाणित जगह से खरीदारी करना ही बुद्धिमानी होगी।

क्या दिवाली के बाद फिर बढ़ेंगे दाम या जारी रहेगी मंदी? जानिए एक्सपर्ट्स का नजरिया

धनतेरस पर आई इस बड़ी गिरावट के बाद अब हर निवेशक और खरीदार के मन में यही सवाल है कि क्या दिवाली और आने वाले शादी-विवाह के सीजन में सोना-चांदी और सस्ता होगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने-चांदी में आई यह गिरावट अल्पकालिक (Short-term) मुनाफावसूली का नतीजा है। लंबी अवधि के नजरिए से सोना हमेशा एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। ऐसे में जो लोग गहनों की खरीदारी या दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए धनतेरस का यह रेट कट एक सुनहरा अवसर बनकर आया है। आने वाले दिनों में शादियों का सीजन शुरू होते ही मांग फिर से बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में फिर उछाल देखने को मिल सकता है।