हर महीने 10 हजार कमाने वाले गरीब कारीगर को 6 करोड़ का GST नोटिस, सदमे में परिवार, जानें पूरा मामला

हर महीने 10 हजार कमाने वाले गरीब कारीगर को 6 करोड़ का GST नोटिस, सदमे में परिवार, जानें पूरा मामला

राजस्थान के बालोतरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने साइबर सुरक्षा और सिस्टम की खामियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां गुड़ामालानी इलाके में रहने वाले और चमड़े की पारंपरिक जूतियां बनाकर बमुश्किल 10 से 15 हजार रुपये महीना कमाने वाले एक गरीब कारीगर के पैरों तले जमीन खिसक गई है।

कारण यह है कि उसके नाम पर तमिलनाडु से 6 करोड़ 78 लाख 97 हजार 357 रुपये का भारी-भरकम जीएसटी (GST) बकाया नोटिस आया है। करोड़ों के इस टैक्स नोटिस के बाद बैंक ने उसका खाता भी फ्रीज कर दिया है।

पीएम आवास के पैसों से बन रहा था घर, अब रोटी का संकट

पीड़ित जितेंद्र कुमार जीनगर की माली हालत बेहद खराब है। वह अपने परिवार, जिसमें पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग मां शामिल हैं, के साथ फिलहाल अपने छोटे भाई के घर में रह रहा है। हाल ही में उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुछ पैसे मिले थे, जिससे वह मुश्किल से अपने लिए एक कमरा बनवा रहा था। बीते 25 जुलाई को जब उसका बैंक खाता अचानक बंद हो गया, तो वह SBI की गुड़ामालानी शाखा पहुंचा। 28 जुलाई को बैंक अधिकारियों ने उसे तमिलनाडु से आया करोड़ों का जीएसटी नोटिस थमा दिया, जिसे देखकर पूरे परिवार के होश उड़ गए।

कैसे हुआ करोड़ों का यह खेला?

जितेंद्र का तमिलनाडु से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर विभाग (कृष्णगिरी-2 असेसमेंट सर्किल) ने 5 मई 2026 को एक नोटिस जारी किया था। इसमें "श्री शिवम एक्सपोर्ट्स" नाम की एक फर्म पर साल 2017-18 से 2019-20 तक का करीब 6.79 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है। इसी आधार पर जितेंद्र के पैन कार्ड (PAN Card) से जुड़े सभी बैंक खाते और एफडी तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने के आदेश दिए गए।

2018 की वो एक गलती और पैन कार्ड के दुरुपयोग का शक

आखिर एक गरीब कारीगर के नाम पर करोड़ों की एक्सपोर्ट कंपनी कैसे बन गई? जितेंद्र को शक है कि साल 2018 में पिता के निधन के बाद उसने पैसों की तंगी के चलते बाड़मेर की एक फाइनेंस कंपनी में लोन के लिए अपने दस्तावेज जमा किए थे। उस वक्त सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक करने के नाम पर उससे मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) भी मांगा गया था। आशंका जताई जा रही है कि उसी दौरान साइबर ठगों ने उसके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल करके तमिलनाडु के पते पर यह फर्जी एक्सपोर्ट कंपनी रजिस्टर करा ली।

अब आगे क्या? पुलिस और अधिकारियों ने दी ये सलाह

ठगी का अहसास होने पर जितेंद्र ने गुड़ामालानी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहां से उसे साइबर थाने जाने की सलाह दी गई है। वहीं, वाणिज्यिक कर विभाग के सहायक कर अधिकारी बिहारीलाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पैन कार्ड के दुरुपयोग और फर्जी कंपनी बनाने का सीधा मामला लगता है। उन्होंने पीड़ित को तुरंत साइबर क्राइम में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने को कहा है। एफआईआर और नोटिस की कॉपी मिलने के बाद विभाग यह जांच करेगा कि फर्जी कंपनी के रजिस्ट्रेशन के समय किन मोबाइल नंबरों, ईमेल आईडी और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना ने आम लोगों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है कि अपने दस्तावेज और ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

Latest Posts