राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदला मौसम: जयपुर-बीकानेर में गिरे ओले, आंधी से छाया अंधेरा; जानें अगले 4 दिन का हाल
राजस्थान में सोमवार को सक्रिय हुए तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह पलट गया। राजधानी जयपुर, बीकानेर और चूरू समेत कई संभागों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई और ओले गिरे।
वहीं उत्तरी व पश्चिमी सीमावर्ती जिलों—श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर—में सुबह के वक्त पाकिस्तान की ओर से आए भीषण धूलभरे अंधड़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। आसमान में उठे धूल के घने गुबार और घने बादलों के जमावड़े के कारण कई इलाकों में दोपहर के समय ही अंधेरा छा गया। इस मौसमी बदलाव के चलते दिन और रात दोनों के पारे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेखावाटी अंचल में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया।
सीकर के लोसल में सबसे ज्यादा 47 मिमी बारिश, जयपुर में दिखा इंद्रधनुष
सोमवार को प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में बादलों ने जमकर पानी बरसाया। सीकर जिले के लोसल क्षेत्र में सर्वाधिक 47 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त नागौर, जयपुर, दौसा, अलवर, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में भी रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ीं। राजधानी जयपुर में तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और खुले आसमान में खूबसूरत इंद्रधनुष नजर आया, जिसने शहरवासियों का मन मोह लिया।
अंधड़ के बाद बारिश से दिन का पारा लुढ़का, फलोदी रहा सबसे गर्म
पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में सुबह पहले तेज आंधी चली और उसके बाद शुरू हुई बारिश से दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में पारा सामान्य से नीचे आ जाने से स्थानीय लोगों को चुभती गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सोमवार को राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज किया गया। इसके अलावा जैसलमेर में 36.3, पिलानी में 35.7, बाड़मेर में 35.6, जोधपुर में 35.3, चित्तौड़गढ़ में 35.2 और श्रीगंगानगर में 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मंगलवार से फिर साफ होगा आसमान, 3 से 4 डिग्री चढ़ेगा पारा
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, विक्षोभ का असर समाप्त होने के साथ ही मंगलवार से पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क होने की संभावना है। आने वाले चार दिनों के दौरान राज्य में किसी नई मौसमी हलचल के आसार नहीं हैं। दिन में तेज धूप खिलने के साथ ही अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है। पश्चिमी जिलों में प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) बनने के कारण तापमान एक बार फिर तेजी से बढ़ेगा, जिससे आगामी दिनों में गर्मी और तपन का असर दोबारा जोर पकड़ने की संभावना है।