साइबर ठगों को किराए पर बैंक खाता दिया तो सीधे होगी जेल: राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, 10 हजार खातों पर कसा शिकंजा

साइबर ठगों को किराए पर बैंक खाता दिया तो सीधे होगी जेल: राजस्थान पुलिस का बड़ा एक्शन, 10 हजार खातों पर कसा शिकंजा

राजस्थान में साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ पुलिस महकमे ने अब तक का सबसे बड़ा और आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। कमीशन के लालच में साइबर ठगों को किराए पर अपने बैंक खाते यानी 'म्यूल अकाउंट' सौंपने वालों पर पुलिस ने पूरी तरह शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने महज 3 महीने के भीतर 10 हजार से अधिक संदिग्ध बैंक खाताधारकों की पहचान कर उन्हें आधिकारिक नोटिस थमाते हुए थानों में तलब किया है। वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन अब सीधे उन लोगों को निशाने पर ले रहा है जो ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए अपने खातों का इस्तेमाल करने की छूट देते हैं।

पेश न होने पर सीधी गिरफ्तारी और जेल की दो टूक चेतावनी

पुलिस द्वारा जारी किए गए समन और नोटिस में खाताधारकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर संबंधित व्यक्ति पूछताछ के लिए थाने में हाजिर नहीं होता है, तो पुलिस बिना किसी अतिरिक्त मोहलत के संदिग्धों को सीधे गिरफ्तार कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई करेगी। अधिकारियों का कहना है कि कमीशन का लालच देकर भोले-भाले या शातिर लोगों के बैंक खाते जुटाना ठगों का मुख्य हथियार बन चुका है, इसलिए इन खाताधारकों को ठगी के सह-आरोपी के रूप में मानकर ही जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

1.42 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज, हेल्पलाइन लाइनों की संख्या 30 से बढ़कर 53 हुई

प्रदेश में साइबर अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में 21 सितंबर 2026 तक 1 लाख 42 हजार से अधिक साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और त्वरित समाधान के लिए तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। पीड़ितों की शिकायतों की तत्काल सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए साइबर हेल्पलाइन की क्षमता में भारी इजाफा किया गया है, जिसके तहत हेल्पलाइन लाइनों की संख्या को 30 से सीधे बढ़ाकर 53 कर दिया गया है ताकि कॉल वेटिंग का समय कम से कम हो सके।

कमीशन के लालच में न फंसे आमजन, डीग में 'ऑपरेशन काउंटडाउन' से मची थी खलबली

राजस्थान पुलिस ने आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह के बहकावे में न आएं। पुलिस ने साफ किया कि चंद रुपयों के कमीशन के बदले अपना बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स किराए पर देना सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य में साझेदारी माना जाएगा। इससे पहले राज्य के डीग जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत शानदार कार्रवाई को अंजाम देते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर 45 शातिर साइबर ठगों को सलाखों के पीछे भेजा था। उस कार्रवाई में पुलिस ने 26 मोबाइल, 49 फर्जी सिम कार्ड और 2 मोटरसाइकिलें जब्त कर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया था।