राजस्थान में मानसून की धुआंधार बैटिंग: IMD ने 12 जिलों में जारी किया येलो अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

राजस्थान में मानसून की धुआंधार बैटिंग: IMD ने 12 जिलों में जारी किया येलो अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

राजस्थान में मानसून की मेहरबानी लगातार बनी हुई है और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से अगले 24 से 48 घंटों के भीतर कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने एहतियात के तौर पर जयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग सहित प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।

इन 12 जिलों में मेघ गर्जन के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

मौसम केंद्र जयपुर के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ की सक्रियता के कारण राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बादलों की आवाजाही तेजी से बढ़ी है। जिन 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें मुख्य रूप से जयपुर, बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, शेखवाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू), अलवर, और आसपास के इलाके शामिल हैं। इन जिलों के स्थानीय प्रशासन को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि अचानक होने वाली तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

स्थानीय तापमान में भारी गिरावट, गर्मी और उमस से मिली बड़ी राहत

लगातार हो रही मानसूनी बारिश के चलते राजस्थान के अधिकांश शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बीते कुछ दिनों से उमस और भीषण गर्मी से परेशान आम जनता को इस सुहावने मौसम से काफी राहत मिली है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और धौलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का पारा सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। ग्रामीण अंचलों में भी ठंडी हवाओं के चलने से मौसम पूरी तरह से खुशनुमा हो गया है, जिससे लोग पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं।

किसानों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह और सुरक्षा गाइडलाइन

मौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर स्थानीय किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और कृषि मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके। इसके साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे मेघ गर्जन या आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, इलेक्ट्रॉनिक पोल और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

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