शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा: 14 की मौत, 30 से अधिक घायल

शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा: 14 की मौत, 30 से अधिक घायल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्शन करने पहुंचे 14 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर के पास हुआ, जहां नवरात्रि के चलते सुबह से ही भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। धान से लदा एक भारी ट्रक खड़ी ढलान से उतरते समय अचानक बेकाबू हो गया और पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए सीधे मंदिर के मुख्य द्वार और बाहरी दीवार से जा टकराया, जिसकी चपेट में रास्ते में खड़े दर्जनों श्रद्धालु आ गए।

घटनास्थल पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह ने बताया कि खड़ी ढलान होने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले से ही प्रतिबंधित थी। इसके बावजूद ओवरलोडेड ट्रक अवरोधकों को तोड़ता हुआ भीतर घुसा और नियंत्रण खोकर लोगों को कुचलता चला गया। हादसे में घायल 39 लोगों में से पांच से छह श्रद्धालुओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है। घायलों में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो बैरिकेडिंग पर वाहन रोकने का प्रयास कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस चेकिंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, ट्रक पूरी तरह धान की बोरियों से ओवरलोडेड था और ढलान से तेज रफ्तार में आया, जिसने सामने मौजूद दुकानों और दर्शनार्थियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया और कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार का जायजा लिया और घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा कि जब ढलान वाले मार्ग पर पुलिस चौकी और अवरोधक तैनात थे, तो भारी वाहन नो-एंट्री जोन में कैसे दाखिल हुआ, इसकी बिंदुवार जांच कराई जा रही है। वाहन के ब्रेक फेल होने या किसी तकनीकी खराबी का पता लगाने के लिए आरटीओ की एक तकनीकी टीम को ट्रक के मैकेनिकल इंस्पेक्शन का जिम्मा सौंपा गया है।