आखिर खुल ही गया पांचना बांध: बटन दबाते ही गंभीर नदी में दौड़ा पानी, सालों बाद पूर्वी राजस्थान के किसानों के चेहरे खिले
पूर्वी राजस्थान के लाखों किसानों के लिए सावन के महीने में एक बेहद ऐतिहासिक और खुशियों भरी खबर सामने आई है। करौली जिले में स्थित बहुप्रतीक्षित और विवादों में रहे पांचना बांध के गेट लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खोल दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल निकासी के लिए जैसे ही मुख्य कंट्रोल पैनल का बटन दबाया गया, बांध के भारी-भरकम गेट ऊपर उठ गए और उफनता हुआ पानी गंभीर नदी (Gambhir River) के सूखे रास्तों पर बुलेट स्पीड से दौड़ पड़ा।
पांचना बांध के पानी से बुझेगी गंभीर नदी और दर्जनों गांवों की प्यास
पांचना बांध से पानी छोड़े जाने के बाद करौली, हिंडौन, बयाना और भरतपुर जिले के दर्जनों गांवों की सूखी पड़ी गंभीर नदी एक बार फिर से पुनर्जीवित हो उठी है। बांध प्रशासन के अनुसार, नदी के बहाव क्षेत्र में पानी पहुंचने से न केवल गिरते भूजल स्तर (Groundwater Level) में भारी सुधार होगा, बल्कि चंबल-सवाई माधोपुर और भरतपुर बेल्ट के हजारों कुएं और नलकूप दोबारा रिचार्ज हो जाएंगे। इस पानी से रबी और खरीफ दोनों फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को भरपूर पानी मिल सकेगा।
बरसों पुराना विवाद सुलझा, अलर्ट पर नदी किनारे बसे गांवों के लोग
यह बांध पिछले काफी समय से कमांड और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के गांवों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर भारी विवाद और राजनीतिक खींचतान का केंद्र बना हुआ था। सरकार और जिला प्रशासन की आपसी समझबूझ से यह गतिरोध दूर हुआ और पानी छोड़ दिया गया। हालांकि, गंभीर नदी के तेज वेग को देखते हुए प्रशासन ने भरतपुर और करौली के नदी तट पर बसे सभी गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुनादी कराकर स्थानीय ग्रामीणों और मवेशियों को नदी के बहाव क्षेत्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।