चरित्र पर शक ने मचाया कोहराम; महिला के कपड़े फाड़े, सिर मुंडाया और पीटा

चरित्र पर शक ने मचाया कोहराम; महिला के कपड़े फाड़े, सिर मुंडाया और पीटा

राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य बांसवाड़ा जिले से रूह कंपा देने वाली अमानवीय घटना सामने आई है, जिसने पूरे समाज और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। यहां चरित्र पर बेबुनियाद शक के चलते एक 40 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ उसके ही ससुराल वालों और पति ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।

भरी पंचायत और ग्रामीणों के सामने महिला का सिर मुंडवाया गया, उसके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र किया गया और लाठियों से बेरहमी से पीटा गया। यह खौफनाक वाकया 1 सितंबर को अंजाम दिया गया, जिसके बाद मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पति सहित परिवार के 7 लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

तमाशबीन बने रहे लोग, हंसते हुए बनाते रहे बर्बरता का वीडियो

इस शर्मनाक घटना की हकीकत 3 सितंबर को तब पूरी तरह उजागर हुई जब सोशल मीडिया पर इसका एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परिवार की ही कुछ महिलाएं पीड़िता के कपड़े खींच रही हैं, उन्हें फाड़ रही हैं और लाठियों से उस पर जानलेवा वार कर रही हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि वहां मौजूद ग्रामीण और बच्चे इस अमानवीय कृत्य को चुपचाप खड़े होकर तमाशबीन बनकर देखते रहे। कुछ लोग दर्द से कराहती महिला की मदद करने के बजाय हंसते हुए अपने मोबाइल फोन में इस दरिंदगी का वीडियो रिकॉर्ड करने में मशगूल थे।

सड़क पर नंगे पैर घुमाया, फिर मुंडवा दिया सिर

वारदात के विवरण के मुताबिक, हैवानियत की शुरुआत महिला को गांव के बीच सड़क पर नंगे पैर घसीटते हुए चलाने से हुई। पति और ससुराल के अन्य सदस्यों ने पूरे गांव के सामने उसे अपमानित किया। इसके बाद सरेआम उसका सिर मुंडवा दिया गया और अमानवीय तरीके से मारपीट की गई। असहाय महिला मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन पत्थरदिल भीड़ में से कोई भी उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया।

मजदूरी पर गई थी महिला, पति करता था चरित्र पर शक: पुलिस का खुलासा

अर्थूना थानाधिकारी (एसएचओ) विनोद कुमार मीणा के अनुसार, पीड़िता ने अपनी औपचारिक शिकायत में बताया कि वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने पड़ोसी राज्य जाया करती है। घटना से महज दस दिन पहले भी वह काम के सिलसिले में संबंधित लेबर ठेकेदार के पास गई थी। हालांकि उसका पति लगातार उसके चरित्र पर शक करता था और इसी शक के चलते वह उसे जबरन वहां से वापस गांव ले आया। इसके बाद 1 सितंबर को योजनाबद्ध तरीके से महिला को इस भयानक प्रताड़ना का शिकार बनाया गया।

बीएनएस और आईटी एक्ट में संगीन केस दर्ज, पति समेत 7 आरोपी सलाखों के पीछे

मामले की गंभीरता को देखते हुए बांसवाड़ा पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। बांसवाड़ा डीएसपी बाबू लाल रेगर ने पुष्टि की कि यद्यपि वीडियो 3 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 1 सितंबर को ही त्वरित एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस ने महिला की लज्जा भंग करने, निर्वस्त्र करने के इरादे से आपराधिक बल का प्रयोग करने, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, गैर-कानूनी रूप से भीड़ जुटाने और अपमानजनक हरकतें करने से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मुख्य आरोपी पति समेत सभी सात गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजकर मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है।