स्कूल बना मयखाना! बच्चों का भविष्य संवारने वाला गुरुजी नशे में धुत होकर क्लास में बेसुध पड़े
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है जहाँ बच्चों का भविष्य गढ़ने की जिम्मेदारी संभालने वाले गुरुजी खुद नशे की हालत में बेसुध नजर आए।
रामपुर नैकिन क्षेत्र के रिमारी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है जिसमें पदस्थ शिक्षक अवध सिंह स्कूल परिसर में नशे में धुत होकर लेटे दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से बच्चों के माता-पिता और स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पढ़ाने वाले ही इस तरह का आचरण करेंगे तो नौनिहालों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।
बच्चों की जुबानी खुली पोल और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
जब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए वहां मौजूद बच्चों से बात की गई तो उन्होंने चौंकाने वाला सच सामने ला दिया। मासूम बच्चों ने बताया कि शिक्षक महोदय पास के ही खेत में जाकर शराब का सेवन करते हैं और फिर स्कूल लौटकर गहरी नींद में सो जाते हैं। इस प्राथमिक विद्यालय में करीब तीस बच्चों का नामांकन है लेकिन इस तरह की लापरवाही के चलते उनकी पढ़ाई का भट्टा बैठ रहा है।
गांव के निवासी वीरेंद्र सिंह ने रोष जताते हुए बताया कि स्कूल में एक अतिथि शिक्षक के अलावा यही मुख्य शिक्षक हैं जिनकी इस घटिया हरकत के कारण अब बच्चे स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर आकर इस बात की सुध नहीं ली है।
शिक्षा विभाग का अजीब तर्क और बार-बार सामने आते ऐसे मामले
इस पूरे प्रकरण पर जब जिला प्रभारी विनय मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि वे हर जगह अकेले नहीं पहुँच सकते और केवल सोशल मीडिया के वीडियो के आधार पर किसी को फौरन निलंबित नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के अनुसार लिखित शिकायत मिलने पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हालांकि अभिभावकों और ग्रामीणों की दो टूक मांग है कि इस वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और दोषी शिक्षक पर तुरंत शिकंजा कसा जाना चाहिए ताकि बच्चों की शिक्षा में कोई रुकावट न आए। गौरतलब है कि सीधी जिले में इससे पहले भी डिहुली नंबर-4 के एक अन्य प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल को भी शराब के नशे में पाए जाने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ा था जो प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।