रक्षाबंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानिए बहनों का सजना-संवरना और राखी बांधना शुभ या अशुभ

रक्षाबंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानिए बहनों का सजना-संवरना और राखी बांधना शुभ या अशुभ

साल 2026 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण श्रावण मास की पूर्णिमा यानी 28 अगस्त को लगने जा रहा है। खास बात यह है कि इस दिन भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक पर्व 'रक्षाबंधन' भी मनाया जाएगा। एक तरफ जहां बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र के लिए पारंपरिक रूप से तैयार होकर कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रहण के साए को लेकर लोगों के मन में कई तरह की शंकाएं बनी हुई हैं कि इस दौरान उनका सजना-संवरना या उत्सव मनाना शुभ होगा या अशुभ।

भारत में ग्रहण की दृश्यता और सूतक काल की स्थिति

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 28 अगस्त को लगने वाला यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 08:04 बजे से शुरू होकर दोपहर 11:21 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि उस समय यहां दिन का उजाला होगा और चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा। ज्योतिष शास्त्र के नियमों के मुताबिक, जो ग्रहण जिस देश या क्षेत्र में दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक काल और उससे जुड़े सभी धार्मिक प्रतिबंध मान्य नहीं होते हैं। इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।

क्या बहनों का सजना और राखी बांधना रहेगा शुभ?

चूंकि भारत में इस चंद्र ग्रहण का कोई भी दृश्य प्रभाव या सूतक काल प्रभावी नहीं होगा, इसलिए रक्षाबंधन के त्योहार पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। बहनें बिना किसी संकोच के पारंपरिक रूप से नए वस्त्र पहन सकती हैं, सज-संवर्द्ध सकती हैं और हर्षोल्लास के साथ यह पर्व मना सकती हैं। पंचांग के अनुसार, इस दिन सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक राखी बांधने का सबसे उत्तम मुहूर्त रहेगा, क्योंकि इस दिन भद्रा का साया सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो चुका होगा। हालांकि, बहनों को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे के बीच पड़ने वाले राहुकाल के दौरान राखी बांधने से बचें।

मुख्य बिंदु:

  • 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण।

  • भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण सूतक काल और इसके नियम मान्य नहीं होंगे।

  • बहनें बिना किसी झिझक के सज-संवर्द्ध सकती हैं और शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं।

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