गणेश भगवान के मुर्ती के पास कतई न रखें ये चीजें, नहीं तो छिन जाएगा घर का चैन!

गणेश भगवान के मुर्ती के पास कतई न रखें ये चीजें, नहीं तो छिन जाएगा घर का चैन!

सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश को सभी देवी-देवताओं में प्रथम पूज्य माना गया है, जिनकी कृपा के बिना किसी भी शुभ कार्य या मांगलिक अनुष्ठान की शुरुआत नहीं की जा सकती है। जब भी घर में कोई नया काम शुरू करना हो या सुख-समृद्धि की कामना करनी हो, लोग सबसे पहले गणेश जी की पूजा-अर्चना करते हैं ताकि जीवन के सभी रास्ते आसान हो सकें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों और वास्तु शास्त्र में गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर को घर में स्थापित करने के कुछ बेहद कड़े और सटीक नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना हर गृहस्थ के लिए बहुत जरूरी होता है। अक्सर लोग अनजाने में पूजा घर या मंदिर में गणेश जी की मूर्ति के पास ऐसी कुछ चीजें रख देते हैं जिन्हें रखना पूरी तरह वर्जित माना गया है, और यही छोटी-सी वास्तु या धार्मिक गलती घर की सुख-शांति को हमेशा के लिए छिन लेती है। इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि भगवान गणेश की मूर्ति के आसपास भूलकर भी किन चीजों को नहीं रखना चाहिए, वरना इसके परिणाम बहुत ही भयानक हो सकते हैं और परिवार को भयंकर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

गणेश मूर्ति के पास कभी न रखें ये वर्जित चीजें, वरना झेलना पड़ेगा भारी नुकसान

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्ति के पास कुछ ऐसी वस्तुएं होती हैं जिनकी ऊर्जा गणेश जी की सात्विक और शांत ऊर्जा के बिल्कुल विपरीत होती है, और उन्हें पास रखने से घर का वास्तुदोष एक्टिव हो जाता है। सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि गणेश जी की मूर्ति के ठीक सामने या बिल्कुल पास में कभी भी खंडित मूर्तियां, फटी हुई धार्मिक पुस्तकें या इस्तेमाल किए जा चुके पुराने पूजा के सूखे फूल और सड़ी हुई मालाएं लंबे समय तक नहीं रखनी चाहिए। इसके अलावा, कई लोग पूजा स्थल पर ही झाड़ू, पोंछा या जूते-चप्पल जैसी अशुद्ध वस्तुएं रख देते हैं, जो कि बहुत बड़ा पाप और वास्तु का गंभीर दोष माना जाता है। गणेश जी की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करना भी पूरी तरह से वर्जित है, इसलिए यदि भूलवश भी आपने बप्पा को तुलसी दल अर्पित कर दिया है या मूर्ति के पास तुलसी का पौधा रख दिया है, तो इसे तुरंत हटा दें क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश जी को तुलसी का श्राप मिला हुआ है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान न रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है और मां लक्ष्मी रूठकर चली जाती हैं।

घर के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति रखते समय इन वास्तु नियमों का रखें विशेष ध्यान

केवल वर्जित चीजों को ही नहीं, बल्कि घर के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करते समय उनकी दिशा, बैठने की मुद्रा और आकार का भी विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। वास्तु के अनुसार, घर में हमेशा ऐसी गणेश मूर्ति स्थापित करनी चाहिए जिसमें उनकी सूंड बाईं (Left side) ओर मुड़ी हुई हो, क्योंकि दाईं सूंड वाले गणेश जी बहुत उग्र माने जाते हैं और उनके नियमों का पालन करना आम इंसान के लिए कठिन होता है। इसके अलावा, गणेश जी की मूर्ति को कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए, हमेशा उन्हें लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर ही विराजमान करना चाहिए। मूर्ति का मुख हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के मंदिर में गणेश जी की एक से ज्यादा मूर्तियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि एक से अधिक मूर्तियां होने पर उनकी ऊर्जा आपस में टकराती है और घर में पारिवारिक कलह का माहौल पैदा होने लगता है।

गलत दिशा या बेडरूम में गणेश मूर्ति रखना ला सकता है बड़े संकट

आजकल आधुनिक इंटीरियर डिजाइनिंग के चक्कर में कई लोग अपने ड्राइंग रूम, ऑफिस की टेबल या यहां तक कि बेडरूम में भी भगवान गणेश की सुंदर मूर्तियां सजावट के तौर पर रख देते हैं, जो कि शास्त्रों के अनुसार एक बहुत बड़ी गलती है। बेडरूम में गणेश मूर्ति रखना बेहद अशुभ माना जाता है, क्योंकि इससे वैवाहिक जीवन में खटास और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है, इसलिए मूर्तियों को हमेशा साफ-सुथरे पूजा कक्ष या हॉल के ईशान कोण में ही रखना चाहिए। इसके साथ ही, इस बात का भी पूरा ध्यान रखें कि गणेश जी की पीठ कभी भी किसी मुख्य कमरे की तरफ या घर के अंदर की तरफ न हो, क्योंकि गणेश जी की पीठ के दर्शन करना अशुभ माना जाता है, हमेशा उनके दर्शन सामने से ही होने चाहिए ताकि उनके आशीर्वाद की सीधी कृपा आपके परिवार पर बनी रहे। यदि आप इन सभी वास्तु नियमों का सख्ती से पालन करते हैं और बप्पा के आसपास अशुद्ध या वर्जित चीजों को फटकने भी नहीं देते, तो आपके घर में हमेशा बरकत बनी रहेगी और माता लक्ष्मी का स्थाई वास होगा।

बप्पा की सच्ची भक्ति और नियमों का पालन ही जीवन के सभी संकटों की असली चाबी

भगवान गणेश अपने भक्तों के सभी विघ्नों को हरने वाले दयालु देवता हैं, लेकिन वे अनुशासन और पवित्रता को भी बहुत पसंद करते हैं। यदि हम अनजाने में भी पूजा-पाठ के दौरान ऐसी गलतियां करते रहेंगे जो शास्त्रों के विरुद्ध हैं, तो लाख पूजा करने के बाद भी हमें उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाएगा। इसलिए आज ही अपने घर के मंदिर की अच्छी तरह से जांच करें, यदि वहां कोई भी ऐसी वर्जित वस्तु या अशुद्ध चीज रखी है जिसे रखना मना है, तो उसे तुरंत वहां से हटा दें और विधि-विधान से बप्पा की आराधना करें। जब आपका पूजा स्थल पूरी तरह से पवित्र, साफ-सुथरा और वास्तु नियमों के अनुकूल होगा, तो आपके घर की सारी नकारात्मक ऊर्जाएं खुद-ब-खुद समाप्त हो जाएंगी और जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अपार सफलता का मार्ग हमेशा के लिए प्रशस्त हो जाएगा।