17 July 2026 ka Panchang: आज अनिरुद्ध चतुर्थी पर भद्रा का साया, गणेश जी की पूजा के लिए जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
17 July 2026 Daily Panchang (दैनिक पंचांग): आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे 'वरद विनायक चतुर्थी' और भगवान गणेश के 'अनिरुद्ध' स्वरूप की पूजा के कारण 'अनिरुद्ध चतुर्थी' भी कहा जाता है। आज के दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। हालांकि, आज की चतुर्थी तिथि पर भद्रा का साया भी रहने वाला है, इसलिए शुभ कार्यों और बप्पा की पूजा के लिए सही मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
आइए ज्योतिषीय गणना के अनुसार जानते हैं आज 17 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और भद्रा काल का समय।
आज का पंचांग: सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
| खगोलीय घटना | समय |
| सूर्योदय (Sunrise) | सुबह 05 बजकर 41 मिनट पर |
| सूर्यास्त (Sunset) | शाम 07 बजकर 10 मिनट पर |
| चंद्रोदय (Moonrise) | सुबह 08 बजकर 27 मिनट पर |
| चंद्रास्त (Moonset) | रात 10 बजकर 09 मिनट पर |
17 जुलाई 2026 का पंचांग (Panchang Details)
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विक्रम संवत: 2083 (नल)
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शक संवत: 1948 (क्रोधन)
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
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मास: आषाढ़ मास
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पक्ष: शुक्ल पक्ष
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तिथि: चतुर्थी तिथि (रात 09 बजकर 35 मिनट तक, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी)
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नक्षत्र: मघा नक्षत्र (दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र)
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योग: व्यतीपात योग (रात 09 बजकर 51 मिनट तक, इसके बाद वरीयान योग)
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करण: वणिज करण (सुबह 09 बजकर 31 मिनट तक), इसके बाद भद्रा (विष्टि करण) की शुरुआत होगी।
आज भद्रा काल का साया: भूलकर भी न करें ये काम
आज चतुर्थी तिथि पर भद्रा का साया रहने वाला है। हिंदू शास्त्रों में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है।
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भद्रा का प्रारंभ: सुबह 09 बजकर 31 मिनट से (वणिज करण समाप्त होने के बाद)।
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भद्रा की समाप्ति: रात 09 बजकर 35 मिनट पर (चतुर्थी तिथि के समापन के साथ ही भद्रा भी समाप्त होगी)।
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सावधानी: भद्रा काल के दौरान कोई भी नया व्यवसाय शुरू करने, मुंडन, गृह प्रवेश या कोई भी अन्य मांगलिक व शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। हालांकि, भगवान गणेश की मानसिक पूजा और नियमित आराधना पर भद्रा का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
गणेश पूजा के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
भद्रा का साया होने के बावजूद दोपहर के समय बप्पा की पूजा के लिए विशेष मुहूर्त रहेगा, क्योंकि विनायक चतुर्थी की पूजा मध्याह्न काल (दोपहर) में की जाती है।
आज के शुभ मुहूर्त:
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अभिजीत मुहूर्त: आज अभिजीत मुहूर्त नहीं बन रहा है।
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गणेश पूजा (मध्याह्न मुहूर्त): दोपहर 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक। (यह समय बप्पा की अर्चना और मोदक भोग के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।
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विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से दोपहर 03 बजकर 34 मिनट तक।
आज के अशुभ मुहूर्त (वर्जित समय):
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राहुकाल: सुबह 10 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक। (इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत न करें)।
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यमगण्ड: दोपहर 03 बजकर 49 मिनट से शाम 05 बजकर 30 मिनट तक।
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गुलिक काल: सुबह 07 बजकर 22 मिनट से सुबह 09 बजकर 02 मिनट तक।