Aaj Ka Panchang: आज से शुरू हुआ सावन का पावन महीना, पहले ही दिन बना आयुष्मान योग; नोट कर लें 30 जुलाई के शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang: आज से शुरू हुआ सावन का पावन महीना, पहले ही दिन बना आयुष्मान योग; नोट कर लें 30 जुलाई के शुभ मुहूर्त

शिव भक्तों का पसंदीदा और साल का सबसे पवित्र महीना यानी सावन (श्रावण) आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। रिमझिम फुहारों के बीच चारों तरफ 'हर-हर महादेव' की गूंज सुनाई दे रही है। सावन के पहले ही दिन एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में 'आयुष्मान योग' कहा गया है। इस योग में की गई शिव पूजा और जलाभिषेक का फल कई गुना अधिक मिलता है और भक्त को लंबी आयु व आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है। अगर आप भी आज देवों के देव महादेव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो 30 जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार सही और शुभ मुहूर्त में ही अपनी पूजा संपन्न करें।

30 जुलाई 2026 का मुख्य पंचांग (Today's Panchang)

  • विक्रम संवत: 2083

  • मास: श्रावण (सावन) मास

  • पक्ष: कृष्ण पक्ष

  • तिथि: प्रतिपदा तिथि

  • आज का नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र

  • आज का योग: आयुष्मान योग

आज के शुभ मुहूर्त: इसी समय करें महादेव का जलाभिषेक

आज सावन के पहले दिन शिव मंदिर जाने या घर पर ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करने के लिए कई शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। इन मुहूर्तों में की गई आराधना सीधे शिव लोक तक पहुंचती है:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:18 से सुबह 05:00 बजे तक (यह समय ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम है)

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक (इस समय में आप कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू कर सकते हैं)

  • अमृत काल: शाम 06:12 से रात 07:45 बजे तक (शाम की आरती और शिव चालीसा के पाठ के लिए यह सबसे उत्तम मुहूर्त है)

राहुकाल का समय: भूलकर भी इस दौरान न करें शुभ कार्य

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल को बेहद अशुभ समय माना जाता है। इस काल में कोई भी नया काम, यात्रा या विशेष पूजा शुरू करने से बचना चाहिए। आज का राहुकाल इस प्रकार रहेगा:

  • राहुकाल का समय: दोपहर 02:07 बजे से दोपहर 03:49 बजे तक

आयुष्मान योग में कैसे करें शिव जी को प्रसन्न?

सावन के पहले दिन और आयुष्मान योग के इस खास संयोग में सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे या लोटे के पात्र में गंगाजल, कच्चा दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत (साबुत चावल) और चंदन लेकर शिव मंदिर जाएं। शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए धीरे-धीरे जल अर्पित करें। आज के दिन शिव पंचाक्षरी स्तोत्र या महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करने से जीवन के सभी कष्ट और बीमारियां दूर हो जाती हैं।

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