कोरोना से लड़ाई में रूस का एक और बड़ा कदम, दूसरी वैक्सीन को दी मंजूरी

रूसी प्रशासन के कोरोना की दूसरी वैक्सीन को मंजूरी देते हुए रेग्यूलेट्री अप्रूवल दे दिया है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बुधवार को सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान इस बात की घोषणा की।

मॉस्को, 15 अक्टूबर यूपी किरण। रूसी प्रशासन के कोरोना की दूसरी वैक्सीन को मंजूरी देते हुए रेग्यूलेट्री अप्रूवल दे दिया है।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बुधवार को सरकारी अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान इस बात की घोषणा की।

पुतिन ने कहा कि हमें अब पहली और दूसरी वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन की सप्लाई के दौरान उनकी प्राथमिकता इसे रूसी बाजारों में उपलब्ध कराना रहेगी।

पेप्टाइड बेस्ड 2 शॉट वैक्सीन एपीवैक कोरोना को साइबेरिया के वैक्टर इंस्टीट्यूट में विकसित किया गया था और शुरुआती स्तर पर इसे 100 वॉलंटियर्स पर चेक किया गया था, जो दो महीनों से अधिक समय में करीब दो हफ्ते पहले ही खत्म हुआ है। यह वॉलंटियर्स 18 से 60 वर्ष की आयु के थे। वैज्ञानिकों ने अभी तक इस स्टडी के नतीजे जारी नहीं किए हैं।

इस वैक्सीन को विकसित करने वाले वैज्ञानिक ने मीडिया को बताया कि जिस व्यक्ति को यह वैक्सीन दी गई उसे वायरस से बचाने के लिए यह पर्याप्त एंटीबॉडीज का निर्माण करता है और इससे जो इम्यूनिटी बनती है वो छह महीनों तक खत्म हो सकती है।

अब इस पर एडवांस स्टडी करने के लिए हजारों वॉलंटियर्स को शामिल किया गया है और यह वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता स्थापित करने के लिए जरूरी है। इसे जल्द ही नवम्बर या दिसम्बर में शुरू करना तय किया गया है।डिप्टी प्राइम मिनिस्टर टाटयाना गोलीकोवा ने इस वैक्सीन के ट्रायल की शुरुआत में वॉलंटियर के रूप में में भाग लिया था। उन्होंने बुधवार को कहा कि एपीवैककोरोना की एडवांस स्टडी में 40,000 लोग भाग लेंगे।

उल्लेखनीय है कि रूस की पहले वैक्सीन स्पूतनिक वी को मॉस्को आधारित गामाल्य इंस्टीट्यूट ने विकसित किया था और 76 वॉलिंटियर्स पर इसके ट्रायल होने के बाद रूस की सरकार ने 11 अगस्त को इसे मंजूरी दी थी।

 

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