अजिंक्य रहाणे के 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड: जिन्हें तोड़ना हर भारतीय के लिए बेहद मुश्किल!
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व उपकप्तान और मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद 'संकटमोचक' अजिंक्य रहाणे ने 38 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया है।
रहाणे केवल अपनी क्लासिक और संयमित बल्लेबाजी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी चतुर कप्तानी और स्लिप में असाधारण फील्डिंग के लिए भी जाने जाते रहे। अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं, जिन्हें हासिल करना हर खिलाड़ी का सपना होता है। आइए नजर डालते हैं अजिंक्य रहाणे के उन 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स पर, जिन्हें आने वाले समय में किसी भी भारतीय खिलाड़ी के लिए तोड़ पाना बेहद कठिन होगा।
SENA देशों में दोहरे फॉर्मेट का अनूठा 'शतक' रिकॉर्ड
दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया (SENA) की उछाल और स्विंग से भरी पिचें भारतीय बल्लेबाजों के लिए हमेशा से सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती रही हैं। हालांकि, रहाणे ने इन परिस्थितियों में अपनी बेहतरीन तकनीक का लोहा मनवाया। अजिंक्य रहाणे भारत के ऐसे पहले और एकमात्र बल्लेबाज बने, जिन्होंने इन चारों SENA देशों की धरती पर टेस्ट और वनडे, दोनों ही प्रारूपों में अपना पहला-पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जमाया था। विदेशी पिचों पर उनके इस दबदबे को दोहरा पाना बेहद मुश्किल है।
एक ही टेस्ट में 8 कैच! स्लिप फील्डिंग के असली बादशाह
अजिंक्य रहाणे को सिर्फ एक उम्दा बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सुरक्षित हाथों वाले फील्डरों में गिना जाता है। अगस्त 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए एक टेस्ट मैच के दौरान रहाणे ने अपनी स्लिप फील्डिंग का हैरतअंगेज नजारा पेश करते हुए कुल 8 कैच लपके थे। यह एक ऐसा ऐतिहासिक कारनामा है, जो आज भी कायम है। एक ही टेस्ट मैच में 8 कैच पकड़ने वाले रहाणे इकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं।
'बॉक्सिंग डे टेस्ट' में खिलाड़ी और कप्तान के रूप में जड़े शतक
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर हर साल 26 दिसंबर से शुरू होने वाला 'बॉक्सिंग डे टेस्ट' दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित और दबाव वाला मुकाबला माना जाता है। अजिंक्य रहाणे एकमात्र ऐसे भारतीय क्रिकेटर हैं, जिन्होंने इस ऐतिहासिक बॉक्सिंग डे टेस्ट में एक खिलाड़ी के तौर पर (साल 2014) और एक कप्तान के तौर पर (साल 2020) शतक ठोके हैं। साल 2020 में कप्तान के रूप में लगाया गया उनका शतक भारत की ऐतिहासिक सीरीज जीत की नींव बना था।
चौथे नंबर से नीचे आकर दोनों पारियों में शतक ठोकने का कारनामा
दिसंबर 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में रहाणे ने अपनी टिकाऊ बल्लेबाजी का अद्भुत उदाहरण दिया था। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे रहाणे ने उस मैच की पहली और दूसरी, दोनों पारियों में शतक जमाए थे। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में चौथे नंबर से नीचे बल्लेबाजी करते हुए मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाले वह भारत के एकमात्र बल्लेबाज हैं।
T20I डेब्यू मैच में बनाया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर
हालांकि रहाणे को मुख्य रूप से रेड-बॉल क्रिकेट का उस्ताद माना जाता था, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर के आगाज में ही उन्होंने एक बड़ा कीर्तिमान रच दिया था। साल 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने डेब्यू T20I मैच में रहाणे ने 61 रनों की शानदार और आक्रामक पारी खेली थी। अपने पहले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह आज भी सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जिसे इतने सालों बाद भी कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं तोड़ सका है।